हिमाचल में भाजपा लोकसभा उम्मीदवारों की ये है लिस्ट

ह‍िमाचल में भाजपा का सदस्‍यता अभियान छ जुलाई से - Panchayat Times
प्रतीक चित्र

मंडी. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती के साथ मिलकर शुक्रवार देर रात तक केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चारों टिकटों पर फैसला लिया गया. इन टिकटों पर शनिवार शाम को मुहर लग गई. हिमाचल में चारों टिकटों की घोषणा कर भाजपा ने कांग्रेस से पहले बाजी मार ली.

बता दें कि कांगड़ा से खाद्य आपूर्ति मंत्री एवं गद्दी नेता किशन कपूर और शिमला संसदीय सीट से पच्छाद के विधायक सुरेश कश्यप को टिकट मिले हैं. कांगड़ा के सांसद शांता कुमार ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है तो दूसरी ओर शिमला से मौजूदा सांसद वीरेंद्र कश्यप का टिकट कट गया है.

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साभर इंटरनेट

वहीं, मंडी से सांसद रामस्वरूप शर्मा को दूसरी बार लोकसभा टिकट मिला, जबकि तीन बार हमीरपुर से सांसद रह चुके लोकसभा में मुख्य सचेतक अनुराग ठाकुर का भी इस बार फिर टिकट तय हो गया.

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वहीं प्रदेश की सबसे बड़ी लोकसभा सीट मंडी से भाजपा ने एक बार फिर रामस्वरूप शर्मा पर दांव खेला है. हालांकि, मंडी संसदीय क्षेत्र में खासा प्रभाव रखने वाले पं. सुखराम अपने पोते आश्रय शर्मा के लिए भाजपा से टिकट की मांग को लेकर एड़ी -चोटी का जोर लगाते रहे. मगर केंद्र में पं. सुखराम का रसूख भी अबकी बार काम नहीं आया.

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फ़ाइल फ़ोटो

मंडी जिला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का गृह जिला होने के नाते उनकी पहली पसंद रामस्वरूप शर्मा ही रहे. रामस्वरूप शर्मा पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री के साथ साये की तरह चिपके रहे. ऐसे में मुख्यमंत्री ने हाईकमान के समक्ष मंडी संसदीय सीट से रामस्वरूप की दावेदारी की पैरवी की. हालांकि, इस बार रामस्वरूप का पत्ता कटने की अटकलें लगातार जारी रही.

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फाइल फोटो :रामस्वरूप शर्मा

वहीं दूसरी ओर पं. सुखराम और उनके पोते आश्रय शर्मा ने रामस्वरूप को टिकट की दौड़ से बाहर करने की पुरजोर कोशिश की. मगर जैसे ही बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने स्वयं चुनाव लड़ने और टिकट के लिए किसी दूसरे की पैरवी करने से इंकार कर दिया. उसके बाद आश्रय शर्मा टिकट की दौड़ से बाहर हो गए.

आश्रय शर्मा सलमान की बहन अर्पिता के जेठ हैं और आश्रय के ससुराल वालों के भी भाजपा हाईकमान में पैठ मानी जाती है. आश्रय की पत्नी के चचेरे भाई क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है. मंडी संसदीय क्षेत्र से रामस्वरूप शर्मा की दावेदारी की घोषणा मंडी के पड्डल मैदान से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ऐतिहासिक पन्ना सम्मेलन के दौरान ही कर दी थी.

वहीं पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के करीबी होने का फायदा भी रामस्वरूप शर्मा को मिला है. लंबे समय तक भाजपा के संगठन में रहे रामस्वरूप शर्मा को 2014 में मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा का टिकट मिला था. उनका मुकाबला तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह से था. जो उप चुनाव में जयराम ठाकुर को डेढ़ लाख मतों से पराजित कर चुकी थी. इसके बावजूद रामस्वरूप शर्मा ने मोदी लहर में प्रतिभा सिंह को पराजित कर इतिहास रचा था.

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साभार : ऑफिसियल फेसबुक जय राम ठाकुर फाइल फोटो

हालांकि, रामस्वरूप शर्मा की इस जीत को वीरभद्र सिंह ने मंडी में ब्राहमणवाद का नारा चलने की वजह बताया था. मगर अब रामस्वरूप शर्मा के सामने दोहरी चुनौती होगी. एक ओर जहां उन्हें वीरभद्र सिंह या उनके बेटे विक्रमादित्य से मुकाबला करना होगा. वहीं पं. सुखराम का समर्थन भी नहीं मिल पाएगा. यह अलग बात है कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के लिए रामस्वरूप की जीत नाक का सवाल होगी. ऐसे में मंडी का यह मुकाबला जयराम बनाम वीरभद्र हो जाएगा.
वीरभद्र सिंह का मंडी संसदीय क्षेत्र में प्रभाव है, वहीं मुख्यमंत्री मंडी में भाजपा के मजबूत संगठन के दम पर कांग्रेस की इस चुनौती का मुकाबला करेंगे. अब देखना है कि इस खेल में कौन किस पर भारी पड़ता है.