राजस्थान के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बारे में यह खास बात जान लीजिए

राजस्थान के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बारे में यह यह खास बात जान लीजिए

नई दिल्ली/जयपुर. सोमवार को कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. कांग्रेस के दोनों नेताओं में उम्र और अनुभव की भले ही समानता नहीं हैं लेकिन दोनों अपनी राजनीतिक समझ की बदौलत कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते हैं. ऐसे में इनके पारिवारिक और राजनीतिक सफर के बारे में जानना दिलचस्प है….

सड़कछाप कड़क चाय पीने के शौक़ीन हैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

1-राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेने वाले अशोक गहलोत कड़क चाय पीने वाले नर्म दिल का आदमी माने जाते हैं.

2-अशोक गहलोत को लो प्रोफ़ाइल रहना भाता है. यहाँ तक कि उनके अफ़सरों की टीम के लोग भी लो प्रोफ़ाइल हैं.

3-अशोक गहलोत अपनी गाड़ी में पारले-जी बिस्किट रखकर चलते हैं और सड़कछाप कड़क चाय पीने के शौक़ीन हैं.

4-अपनी छवि को लेकर वो इतने सजग रहते हैं कि उनके बेटे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सदस्य होने के लिए तब तक इंतज़ार करना पड़ा, जब तक उन्हें गहलोत के धुर विरोधी सीपी जोशी ने नामांकित नहीं किया.

5-गहलोत ने दस साल पहले कहा था, “हर ग़लती की एक क़ीमत होती है.” उनके विरोधियों ने यह क़ीमत ख़ूब अदा की है. वो किसी भी विरोधी की ग़लती को आसानी से नहीं भूलते, भले ही वह पार्टी के भीतर हो या फिर बाहर.

अशोक गहलोत

6-अशोक गहलोत जोधपुर के कृषि से जुड़े एक परिवार से हैं. हालांकि उनके पिता जादूगर भी थे और ख़ुद गहलोत भी जादूगरी जानते हैं.

7-अशोक गहलोत ने अर्थशास्त्र में एमए किया और फिर एलएलबी की पढ़ाई की. उन्होंने अलग-अलग समय पर काँग्रेस पार्टी और सरकार में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर काम किया है.

8-अशोक गहलोत ने 1980 में पहली बार संसद में जोधपुर से चुने गए और फिर 1984 में दोबारा वहीं से निर्वाचित हुए.

9-अशोक गहलोत को पहली बार 1985 में राजस्थान प्रदेश काँग्रेस समिति का अध्यक्ष बनाया गया.

10-अशोक गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की सरकार में 1982 में केंद्र में पर्यटन उप मंत्री बने और फिर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की सरकार में 1984-85 में भी इस पद पर रहे.

11-राजस्थान में 1989 में उन्होंने गृह मंत्रालय का कार्यभार सँभाला.

12-अशोक गहलोत पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव की सरकार में 1991 से वे कपड़ा राज्यमंत्री रहे. इसके बाद वे 1994 और 1997 में उन्हें दोबारा राजस्थान में काँग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया.

13-अशोक गहलोत 1 दिसम्‍बर 1998 को पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री बने.
14-अशोक गहलोत 13 दिसम्‍बर 2008 को दूसरी बार राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री बने.

राजस्थानी फेटा (पगड़ी) को मात्र डेढ़ मिनट में बांध लेते हैं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट

1-सचिन पायलट राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजेश पायलट के बेटे हैं.

2-7 सितंबर 1977 को उत्‍तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में सचिन पायलट पैदा हुए.

3-सचिन पायलट ने अपनी स्‍कूली शिक्षा नई दिल्‍ली के एयर फ़ोर्स बाल भारती स्‍कूल से प्राप्‍त की तथा नई दिल्‍ली के ही सेंट स्‍टीफ़ेंस कॉलेज से स्‍नातक किया है.

4- सचिन पायलट अमेरिका के पेंसिलवेनिया विश्‍वविद्यालय से प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर की उपाधि प्राप्‍त की.

5-सचिन पायलट ने साल 2004 में सारा अब्‍दुल्‍ला से विवाह किया, जो कश्‍मीर के दिग्‍गज नेता फ़ारुक अब्‍दुल्‍ला की बेटी हैं.

सचिन पायलट

6-सचिन पायलट के दो बेटे हैं नाम आरान और वेहान पायलट.

7-सचिन पायलट ने 14वीं लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर दौसा से चुनाव लड़े और जीत दर्ज की. इस समय उनकी आयु मात्र 26 वर्ष थी, जो भारत में सबसे कम आयु में सांसद बनने का कीर्तिमान भी बनाया था.

8-सचिन पायलट 15वीं लोकसभा के लिए साल 2009 के लोकसभा के चुनाव में वे अजमेर से सांसद चुने गए.

9-सचिन पायलट राजनीति में आने से पहले सेना में भी अपनी सेवाएं दी हैं.

10-सचिन पालयट 21 जनवरी 2014 को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने.

11-सचिन पायलट ने 17 साल की उम्र में पायलट का लाइसेंस लाइसेंस हासिल कर लिया था.

12-सचिन का राजनीति में प्रवेश भले ही संयोग मात्र हो, लेकिन वह सांसद बनने से पहले एमएनसी जनरल मोटर्स में ढाई साल तक काम कर चुके थे.

13-सचिन पायलट ने अमेरिका के मशहूर वार्टन बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री भी हासिल की है.

14-सचिन पायलट के जमीन से जुड़े नेता माने जाते हैं. जब दिल्ली में रहते हैं तो परिवार के साथ ही खाना पसंद करते हैं और वह भी देर रात नहीं बल्कि 8 बजे.

15- सचिन पायलट फिल्में कम देखते हैं लेकिन ‘रंग दे बसंती’ और ‘मुन्नाभाई…’ उन्हें काफी पसंद आई थी.

16-सचिन पायलट पगड़ी राजस्थानियों की आन-बान फेटा (पगड़ी) तो वह डेढ़ मिनट में ही बांध लेते हैं.

17-सचिन पायलट साहित्य में जीवनियां पढ़ना पसंद करते हैं और सरदार पटेल की जीवनी से बहुत प्रभावित हैं.