नई दिल्ली. बीते मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी पर धमकाने का आरोप लगाया. बैनर्जी ने कहा कि राज्यपाल ‘भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष की तरह बर्ताव कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने पत्रकारों को यह भी कहा ‘राज्यपाल ने मुझे फोन पर धमकी दी. जिस तरह से राज्यपाल ने भाजपा का पक्ष लेते हुए बात की. उससे मैं अपमानित महसूस कर रही हूँ. मैंने उनसे इतना तक कह दिया. आप मुझसे इस तरह से बात नहीं कर सकते हैं.’
इसके बाद ममता ने ये भी कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि उन्हें इस पद के लिए मनोनीत किया गया. उन्होनें कहा ‘कानून व्यवस्था पर भी राज्यपाल ने बड़ी-बड़ी बात कही. जिस तरीके से उन्होंने ने बात किया, एकबार तो मैंने कुर्सी छोड़ने की सोची.’
वहीं राजभवन ने राज्यपाल ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से ऐसा कुछ नहीं कहा जिसे अपमानजनक माना जाए. राज्यपाल ने बस बैनर्जी को राज्य की कानून व्यवस्था को सुधारने को कहा.
एक प्रेस रिलीज़ में राज्यपाल की ओर से कहा गया, मुख्यमंत्री के द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और उनके रवैये से मैं हैरान हूं. यह बातचीत गोपनीय थी और किसी को भी इसे जाहिर नहीं करना चाहिए था. इस बातचीत में ऐसा कुछ नहीं हुआ, जिससे ममता बनर्जी को लगे कि उनकी बेइज्जती हुई, उन्हें धमकाया गया या उन्हें अपमानित किया गया.