नाइजीरिया में बंधक बने तीन हिमाचली रिहा

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को नाईजिरिया में भारतीय उच्चायुक्त के माध्यम

शिमला. एक लंबे इंतजार के बाद नाइजीरिया में बंधक बनाए हुए तीन हिमाचली रिहा हो गए हैं. 31 जनवरी 2018 की वह तारीख जिस दिन पता चला कि हिमाचल के तीन नागरिकों को नाइजीरियन लुटेरों ने बंधक बना लिया है. तब से ही जयराम सरकार, केंद्र सरकार और नाइजीरिया दुतावास लगातार उन्हें छुड़ाने का प्रयास कर रही थी. जिसमें अब सफलता मिल गई है. सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि कांगड़ा जिले के रहने वाले तीन लोगों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है. जिसके बाद जयराम सरकार ने सुषमा स्वराज को धन्यवाद किया है. उन्होंने राजदूतों का भी आभार जताया है.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने टि्वटर अकाउंट के जरिए इन तीनों युवकों की रिहाई की जानकारी दी. साथ ही नाइजीरिया में भारतीय राजदूतों के प्रयासों की सराहना भी की. नाइजीरिया में इनके जहाज को समुद्री लुटेरों ने हाईजैक कर लिया था. बता दें कि सुशील कुमार, अजय कुमार और पंकज कुमार नाम के यह युवक मर्चेंट नेवी में काम करते थे.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने टि्वटर अकाउंट के जरिए इन तीनों युवकों की रिहाई की जानकारी दी. साथ ही नाइजीरिया में भारतीय राजदूतों के प्रयासों की सराहना भी की. नाइजीरिया में इनके जहाज को समुद्री लुटेरों ने हाईजैक कर लिया था.

बता दें कि सुशील कुमार, अजय कुमार और पंकज कुमार नाम के यह युवक मर्चेंट नेवी में काम करते थे. सुशील के परिजनों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से उनकी रिहाई की मांग की थी. जिसके बाद जयराम ठाकुर ने इस संबंध केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज से बात की थी. बता दे कि कांगड़ा के सुशील को रिहा करने के लिए 20 लाख रुपए की मांग की गई थी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा के सांसद शांता कुमार को भी इसकी जानकारी दे दी है. जयराम ने कहा कि नाइजीरिया में स्थित उच्चायुक्त ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई. उन्होंने बताया कि युवक पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन्हें तीन दिनों के भीतर वापस भारत लाया जाएगा.