नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इस दस्तावेज को अगले पांच साल के शासन का रोडमैप बताते हुए जनता के सामने 10 बड़ी प्रतिज्ञाएं रखीं। इस घोषणापत्र में सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं, युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे पर खास जोर दिया गया है। खास बात यह है कि पार्टी ने अपने कोर वोट बैंक मानी जाने वाली महिला मतदाताओं को साधने के लिए महिला-केंद्रित योजनाओं पर विशेष फोकस किया है।
घोषणापत्र का सबसे बड़ा आकर्षण लक्ष्मीर भंडार
घोषणापत्र का सबसे बड़ा आकर्षण लक्ष्मीर भंडार योजना का विस्तार है। TMC ने वादा किया है कि इस योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। नए प्रस्ताव के मुताबिक सामान्य वर्ग की महिलाओं को अब 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये प्रति माह सीधे उनके खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे।
दुआरे चिकित्सा’ पहल शुरू करने का वादा
स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पार्टी ने ‘दुआरे चिकित्सा’ पहल शुरू करने का वादा किया है। इसके तहत हर ब्लॉक और शहर में हर साल हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को अपने इलाके में ही इलाज और स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिल सके।
बेरोजगारी के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए घोषणापत्र में ‘बांग्लार युवा-साथी’ योजना को जारी रखने की बात कही गई है। इस योजना के तहत पात्र बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है।
TMC ने 30,000 करोड़ रुपये के कृषि बजट का प्रस्ताव रखा
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए TMC ने 30,000 करोड़ रुपये के कृषि बजट का प्रस्ताव रखा है। पार्टी का कहना है कि इस बजट से खेती-किसानी को मजबूती मिलेगी और किसानों के साथ-साथ भूमिहीन मजदूरों को भी सहारा मिलेगा।
घोषणापत्र में हर परिवार को पक्का मकान और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का भी वादा किया गया है। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए ‘बांग्लार शिक्षायतन’ पहल के तहत स्कूलों और शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने की बात कही गई है।
TMC ने प्रशासनिक सुधारों का भी ऐलान किया है। पार्टी ने 7 नए जिले बनाने का वादा किया है। साथ ही पश्चिम बंगाल को एक बड़े व्यावसायिक हब के रूप में विकसित करने की योजना भी सामने रखी गई है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। ऐसे में TMC का यह घोषणापत्र चुनावी मुकाबले में महिला, युवा और ग्रामीण वोटरों को साधने की बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
