किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमें औद्योगिक इकाई चाहिए, जिससे किसानों की परेशानी हो कम : गिरिराज सिंह

किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमें औद्योगिक इकाई चाहिए, जिससे किसानों की परेशानी हो कम : गिरिराज सिंह-Panchayat Times

नई दिल्ली. नोएडा सेक्टर 167 स्थित आद्या फार्म में शनिवार को आद्या ऑर्गेनिक एंड मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मल्टी लेयर फार्मिंग प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन मंत्री गिरिराज सिंह शामिल हुए. उन्होंने यहां पर किसानों के हित में बहुत सी बातें कही.

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमें औद्योगिक इकाई चाहिए,देश में ऐसा मॉडल बनाने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की परेशानी कम हो. गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत में हमने किसान को फटेहाली में ही देखा है. किसानों की आय को बढ़ाना है तो गोवंश और पशुधन के नामकरण के पचड़े में न पड़ कर हमें कार्य करने की आवश्यकता है. सच्चाई यह है कि देशी गाय या विदेशी गाय यह सब किसानों के हाथ है. किसानों के आय बढ़ाने के लिए हमें औद्योगिक इकाई बनानें चाहिए. हमे ऐसे मॉडल लाने की जरूरत है जो किसान कि परेशानी को दूर कर सके. हमे वैज्ञानिक विधि से जमीन को ध्यान में रख कर क्रॉप्स को भी चुनना होगा.

मंत्री ने आगे कहा कि हमारे देश के अधिकतर जानवर बुचर खाने में है. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के लाख प्रयास के बाद भी पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन मंत्री के अनुसार भारत में 2011 के डाटा के अनुसार पर कैप्ता जमीन 0.11 प्रतिशत थी.

विश्व में 180 देश ऑर्गेनिक खेती करते हैं

विश्व में 180 देश ऑर्गेनिक खेती करते हैं, जिसमें भारत का हिस्सा 30 प्रतिशत है. भारत में इस मामले में जागरुकता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कहने के बाद आई. गिरिराज सिंह ने राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा को धन्यवाद कहते हुए कहा कि देश में किसानो के लिए कुछ कर रहे है, सब कहते है देश गांव में बसता है लेकिन गांव काला होता गया है और शहर लाल. गांव से पलायन कर लोग शहरों में आ रहे हैं.

राज्य सभा सांसद आरके सिन्हा ने कहा कि देश में लोग बीमार हो रहे है इसको रोकने के लिए जैविक खेती की तरफ जाने की आवश्यकता है. गिर गाय जो कि भारत के गुजरात का नशल है वह गुजरात में 10 हजार है और ब्राजील में 70 लाख. यह बहुत बड़ी विडम्बना है कि हमने उसके महत्व को नहीं समझा.

देशी गाय को अपनाने की जरूरत

जैविक खेती एक्सपर्ट दीपक रनवेडे ने कहा कि हमे देशी गाय को अपनाने की जरुरत है. क्योंकि बहुत से औषधि हम गो मूत्र से बना सकते है. देशी गाय का दूध बीमारी से रहित होता है. मल्टी लेयर फार्मिंग एक्सपर्ट आकाश चौरसिया ने बताया कि भारत में किसानो की सबसे बड़ी चुनौती खेत में खर पतवार का उगना, बिडी साइट्स है से बचना है. भारत में इतनी गाय नहीं बची है जो जैविक खाद के लिए पूर्ण हो. हमे गोबर की क्वालिटी एवं क्वांटिटी बढ़ाने की जरुरत है. इसके लिए हमें मल्टी लेयर फार्मिंग की तरफ जाना होगा. इस से हम 5 लाख से 6 लाख रुपए प्रति एकड़ कमा सकते है वो भी कम लागत में.

बता दें कि नोएडा के सेक्टर 167 स्थित आद्या फार्म हाउस में 14 से 16 फरवरी तक आद्या ऑर्गेनिक एंड मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तीन दिवसीय मल्टी लेयर फार्मिंग प्रशिक्षण शिविर चल रहा है. जिसमें देश भर के किसान और कृषि शोधार्थी हिस्सा ले रहे हैं.