पर्यटक देख सकेंगे मोगली के ‘पापा’ का आशियाना

पर्यटक देख सकेंगेमोगली के 'पापा' का आशियाना

शिमला/ नई दिल्ली. क्या आपने शिमला के काली बाड़ी मंदिर के नीचे स्थित नॉर्थ बैंक के बारे में सुना है ? यदि नहीं, तो यहां आपके लिए आश्चर्य की बात है. यह वह जगह है जहां द जंगल बुक के लेखक नोबेल पुरस्कार विजेता रुडयार्ड किपलिंग को एक लेखक के रूप में सार्वजनिक मान्यता मिली. जंगल बुक के जरिए मोगली, बघीरा, शेरखान जैसे नायाब किरदार देने वाले रुडयार्ड किपलिंग इस निशानी को हिमाचल प्रदेश की जय राम ठाकुर सरकार सैलानियों को आकर्षित करने के लिए इस साइट को ‘आज पुरानी राहों से’ योजना के तहत अधिसूचित की है.

बच्चों के लिए ‘जंगल बुक’ जैसी मजेदार किताब के लिखने वाले रूडयार्ड कि‍पलिंग एक प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक थे. उनका जन्म सन 1865 में मुंबई में हुआ था. किपलिंग को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 1907 में नोबेल से सम्मानित किया गया था.

रुडयार्ड किपलिंग ने 1883 में, लाहौर के नागरिक और सैन्य राजपत्र में योगदानकर्ता के रूप में पहली बार शिमला की यात्रा की थी. उस समय वह वह शिमला: पास्ट एंड प्रजेंट किताब के लेखक एडवर्ड जे बक के साथ नॉर्थ बैंक में रहे थे. रुडयार्ड किपलिंग की किताबों प्लेन टेल्स फ्रॉम द हिल्स और द फैंटम रिक्शा में भी 19वीं सदी के शिमला का दर्शन होता है.

रुडयार्ड किपलिंग जब शिमला पहुंचे थे, तब यह ब्रिटिश भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी बन गई थी. उस समय शिमला उन युवा ब्रिटिश पुरुषों का पसंदीदा जगह थी, जो अपनी किस्मत और विवाहित महिलाओं की तलाश में यहां आते थे. माना जाता है कि उस समय मैदानों की गर्मी से बचने के लिए बड़ी संख्या में ब्रिटिश महिलाएं अपने पतियों के बिना यहां आती थी. साथ ही युवा सुंदर लड़कियां भी यहां पर हैंडसम, डैशिंग, युवा पतियों की तलाश में आती थीं.

1885 में, रुडयार्ड के पिता लॉकवॉड अपनी पत्नी एलिस के साथ शिमला के दौरे पर आए थे. यहां पर वह , उन्होंने कहा, “सिमला सुंदर सेसिल एस्टेट का एक हिस्सा, टेंड्रिल्स में रहे थे. माना जाता है कि रुडयार्ड किपलिंग अपनी किताबों में जिन जगहों का जिक्र किया है उसमें से वर्णित कई स्थान आज भी शिमला में मौजूद हैं, हालांकि एक अलग रूप में.

मोगली की कहानी

द जंगल बुक: करीब दो दशक पहले हर रविवार को दूरदर्शन पर धूम मचाने वाला ‘जंगल-जंगल बात चली है पता चला है, चड्ढी पहन के फूल खिला है…‘ टाइटल सॉन्ग (गुलजार कृत) और सीरियल ‘द जंगल बुक‘ का प्रमुख किरदार मोगली पूरे देश में हर उम्र के लोगों की पहली पसंद बन गया था. द जंगल बुक (The Jungle Book ) नोबेल पुरस्कार विजेता अंग्रेजी लेखक रुडयार्ड किपलिंग की कहानियों का एक संग्रह है. इन कहानियों को पहली बार 1893-94 में पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया था. मूल कहानियों के साथ छपे कुछ चित्रों को रुडयार्ड के पिता जॉन लॉकवुड किपलिंग ने बनाया था.

रुडयार्ड किपलिंग का जन्म भारत में हुआ था और उन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन के छह वर्ष भारत में बिताए. इसके बाद वह लगभग दस वर्ष इंग्लैण्ड में रहने के बाद वे फिर भारत लौटे. अगले साढ़े छह साल तक यहीं रह कर काम किया. जंगल बुक के कथानक में मोगली नामक एक बालक है जो जंगल मे खो जाता है और उसका पालन पोषण भेड़ियों का एक झुंड करता है, अंत मे वह गाँव में लौट जाता है.