भगत को शहीद का दर्जा दिलाने को पैदल यात्रा

भगत को शहीद का दर्जा दिलाने को पैदल यात्रा
साभार इंटरनेट

ऊना. भारत माता की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान देने वाले भगत सिंह को शहीद का दर्जा दिलवाने के लिए ऊना के सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी कुमार दो दिन का पैदल सफर कर शनिवार सुबह भगत सिंह के म्यूजियम खटखटकलां(पंजाब) पहुंचे. जहां पर अश्वनी ने क्रांतिकारी भगत सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए.

ऊना से अश्वनी कुमार रामपुर, नंगड़ा, संतोषगढ़, टाहलीवाल, बाथू, झुग्गियां, गढ़शंकर, बंगा होते हुए खटखटकलां पहुंचे. अश्वनी ने केंद्र सरकार से भगत सिंह को शहीद का दर्जा देने की गुहार लगाई. गले में भगत सिंह की फोटो व बोर्ड डाल दो दिन के सफर के दौरान अश्वनी ने लोगों को भगत सिंह के बारे जागरूक किया.

वहीं राहगीरों ने अश्वनी कि ओर से  छेड़े गए अभियान में न केवल सहयोग किया, बल्कि उत्साहित भी किया. अश्वनी ने बताया कि सफर ने दौरान काफी लोग मिले, जिन्होंने हैरानी जताई कि देश के लिए अपनी जान देने वालों के लिए इस प्रकार दो दिन का सफर कर शहीद का दर्जा दिलवाने की जरूरत पड़ रही है.

अश्वनी कुमार ने कहा कि यूं तो भगत सिंह सहित सभी देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले हम सबके दिलों में शहीद के दर्जे के रूप में विराजमान हैं, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में भी शहीद का दर्जा देने में कोताही नहीं होनी चाहिए. ऐसे में भारत सरकार व पंजाब सरकार को इस दिशा में उचित कदम उठाना चाहिए.

अश्वनी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने भगत सिंह को शहीद का दर्जा न दियाए तो जरूरत पड़ने पर दिल्ली तक की साइकिल यात्रा निकाली जाएगी. उन्होंने अपनी यात्रा में सहयोग देने के लिए ऊना जनहित मोर्चा का आभार भी जताया.