”घरेलू झगड़े को आपसी बातचीत से खत्म करने की कोशिश करें”

''घरेलू झगड़े को आपसी बातचीत से खत्म करने की कोशिश करें''

शिमला. शिमला जिले के बसंतपुर खंड स्थित ग्राम पंचायत शकराह में रविवार को विधिक साक्षरता शिविर लगाया गया. जिसकी अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश अर्पणा शर्मा ने कहा कि किसी भी देश के विकास में अदालतों की अहम भूमिका है. इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनता है कि वह पारिवारिक, सामाजिक, फौजदारी झगड़ों का बोझ अदालत पर नहीं डालें.

घरेलू झगड़ों का आपसी बातचीत द्वारा हल निकालने से परिवार में प्रेम और सौहार्द को बना रहेगा, इससे परिवार बिखरने से बचेगा. ग्राम पंचायतों की ओर से भी पारिवारिक और सामाजिक झगड़ों के समाधान में अहम भूमिका निभाई जा रही है. इससे समय और धन की बचत होती है. समाज में आपसी विरोध की भावना मिटती है.

''घरेलू झगड़े को आपसी बातचीत से खत्म करने की कोशिश करें''
प्रतीक चित्र

उन्होंने कहा कि शीघ्र न्याय प्राप्त करने के लिए लोगों को आपसी झगड़ों के मामले लोक अदालतों और मध्यस्तता प्रणाली के माध्यम से सुलझाने की पहल करनी चाहिए. इस प्रणाली द्वारा मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की रजामंदी से किया जाता है. लोगों की सुविधा के लिए जिला न्यायालय में फ्रंट ऑफिस स्थापित किए गए हैं. जहां पर लोग अपने मामलों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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समाज में विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थो का अवैध कारोबार बढ़ता जा रहा है. युवाओं को नशे के गर्त से बचाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न कदम उठाये जा रहे हैं. प्रत्येक नागरिक व समाज सेवा में जुड़े संगठनों का कर्तव्य बनता है कि वह नशे की प्रवत्ति को समाप्त करने में अपना सहयोग दें.

अर्पणा शर्मा ने मोटर वाहन अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति किसी भी परिस्थिति में नहीं दें. प्रत्येक नागरिक को वाहन चलाने से पूर्व गाड़ी का पंजीकरण प्रमाणपत्र, गाड़ी का बीमा, वाहन चलाने का लाइसेंस और वाहन चलाने के नियमों की जानकारी आवश्यक है.