शिमला. विधानसभा चुनाव में झूठा शपथ पत्र दायर कर गलत जानकारी देने के आरोप में हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार के दो कैबिनेट मंत्री मुश्किल में पड़ गए हैं. जिस तरह के आरोप मंत्रियों पर लगे हैं यदि आरोप साबित हो गए तो मंत्रियों की विधानसभा सदस्यता रद्द हो सकती है. जिला मंडी के धर्मपुर निवासी रमेश चंद ने शिमला हाईकोर्ट में इस बाबत एक याचिका दायर कर मंत्रियों की विधानसभा सदस्यता को चनौती दी है.
रमेश चंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्रवण डोगरा द्वारा दायर याचिका के अनुसार जयराम सरकार के सबसे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा पर चुनाव के दौरान शपथ पत्र में गलत जानकारी दी है इसके अलावा इन लागों ने कुछ जानकारियों को छिपाया भी है. इसी को आधार बनाकर उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है.
क्या है आरोप :
मंडी धर्मपुर विधानसभा से जीतकर आए कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर पर आरोप है कि उनके पास दो पैन नम्बर हैं. जो कानूनन जुर्म है, शपथ पत्र में इस बात का जिक्र नहीं किया है. इसके साथ ही उन्होंने इंटरमीडिएट कब की, इस जानकारी को भी छिपाया गया. वहीं उनकी पत्नी के नाम 7.68 करोड़ रुपये की सम्पत्ति कब और कैसे आई इस पर भी सवाल उठाया गया है जबकि पिछले विस चुनाव यानी 2012 में उनकी पत्नी के पास पैन कार्ड तक नहीं था.
दूसरे मामले में जनजातीय जिला लाहुल स्पीति से विधायक एवं कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा पर आरोप है कि उनके द्वारा दायर शपथ पत्र सम्पति के ब्यौरे के साथ मेल नही खा रहे. वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव भूषण के अनुसार मारकंडा 2007 में भी विधायक रह चुके हैं और उस समय भी उन्होंने शपथ पत्र दायर किया था. रामलाल मारकंडा और उनकी पत्नी के नाम दर्ज सम्पति में तब और अब की डिटेल मेल नहीं खा रही है.
इन दोनों मामलों से एक बार फिर जयराम सरकार पर विपक्ष को निशाना साधने के मौका मिल गया है. विपक्षी कांग्रेस निश्चित तौर पर इन मामलों को विधानसभा सत्र के दौरान भी उठा सकती है, लेकिन मुश्किल यह है कि कांग्रेस के श्री रेणुका जी से विधायक पूर्व मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार भी शपथ पत्र में कई जानकारियां छिपाने के आरोप हैं.
वरिष्ठ अधिवक्ता रंजन परमार की ओर से दायर याचिका में विनय कुमार पर यह भी आरोप है कि उन्होंने शपथ पत्र में कई गलत जानकारियां दी हैं. ऐसे में यदि अदालत में आरोप साबित हुए तो तीनों विधानसभा सदस्यों की सदस्यता जा सकती है.