नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि University Grants Commission (UGC) के नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में caste-based discrimination को रोकना है और इनका किसी भी तरह से दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने कहा कि भेदभाव के नाम पर कानून के दुरुपयोग को रोकना केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और UGC – सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला Supreme Court supervision में है और सभी कदम Constitution of India के दायरे में रहकर ही उठाए जाएंगे।
UGC ने जारी किए नए नियम
इस महीने की 13 तारीख को जारी एक रेगुलेशन में UGC ने कहा है कि सभी Higher Education Institutions को:
Equal Opportunity Centres
Equity Committees
Grievance Redressal Mechanism
24×7 Helpline System
की स्थापना करना अनिवार्य होगी, ताकि जातिगत या किसी भी प्रकार के भेदभाव से जुड़े मामलों का तुरंत समाधान किया जा सके।
Inclusive Campus Environment पर जोर
सरकार के मुताबिक, इन उपायों का मकसद छात्रों के लिए safe और inclusive learning environment तैयार करना और देश में anti-discrimination framework को और मजबूत करना है।
शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि सरकार की मंशा किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि शिक्षा परिसरों में समानता और न्याय सुनिश्चित करना है।
