नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले दस वर्षों में देश में फसल उत्पादन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर बीजों और उन्नत खेती पद्धतियों के कारण संभव हुई है।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 2014 से 2024 के बीच कृषि क्षेत्र में लगातार व्यापक सुधार हुए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिला है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र का समग्र विकास करना है।
कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए छह सूत्रीय रणनीति
मंत्री चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिक्स-प्वॉइंट स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है, जिसके तहत नई तकनीक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और किसान-केंद्रित योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है।
उर्वरक और किसान सहायता योजनाओं पर बड़ा खर्च
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार किसानों को दो लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी दे रही है। साथ ही,
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) के तहत किसानों के खातों में अब तक चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की सीधी सहायता भेजी जा चुकी है।
फसल बीमा योजना के तहत भारी मुआवजा
मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के जरिये किसानों के खातों में अब तक 1 लाख 90 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा जमा किया गया है।
पंजाब में योजना लागू न होने पर चिंता व्यक्त
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब सरकार ने अभी तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू नहीं की है। यदि यह योजना राज्य में लागू होती, तो बाढ़ जैसी आपदाओं में किसानों को विस्तृत सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिल सकती थी।
