नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में Union Budget 2026-27 पेश किया। अमेरिका की ओर से संभावित टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आए इस बजट में सरकार ने कुछ जरूरी वस्तुओं को सस्ता करने का फैसला किया है, जबकि कुछ सेक्टरों पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है। बजट प्रस्तावों से यह साफ हो गया है कि किन चीजों से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और किन पर जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
सरकार ने स्पोर्ट्स इक्विपमेंट, लेदर गुड्स, कैंसर की दवाइयों और सी-फूड को सस्ता करने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट और पॉलिसी सपोर्ट का ऐलान किया है। वहीं दूसरी ओर, ट्रेडिंग, बायबैक टैक्स, STT और TCS में बदलाव से कुछ वित्तीय गतिविधियां महंगी हो सकती हैं।
ये चीजें हो सकती हैं सस्ती
खेल उपकरण (Sports Equipment)
वित्त मंत्री ने Khelo India Mission लॉन्च करने की घोषणा की, जिसका मकसद खेल क्षेत्र में रोजगार, स्किलिंग और अवसर बढ़ाना है। इससे खेल उपकरणों की उपलब्धता और कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
लेदर गुड्स (Leather Goods)
लेदर और सिंथेटिक फुटवियर से जुड़े एक्सपोर्ट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कुछ इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है, जिससे लेदर उत्पाद सस्ते हो सकते हैं।
कैंसर की दवाइयां (Cancer Medicines)
कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने 17 कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने की घोषणा की है। इसके साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों को भी ड्यूटी छूट की सूची में शामिल किया गया है।
सी-फूड (Seafood)
मछुआरों के हित में सरकार ने क्षेत्रीय जल सीमा से बाहर पकड़ी गई मछलियों पर ड्यूटी फ्री सुविधा देने का ऐलान किया है, जिससे सी-फूड सस्ता हो सकता है।
माइक्रोवेव ओवन
माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुछ पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है, जिससे इनकी कीमतें कम हो सकती हैं।
सोलर पैनल
सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी सेल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी छूट को आगे बढ़ाया है। साथ ही सोलर ग्लास में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर ड्यूटी हटाई गई है, जिससे सोलर पैनल सस्ते हो सकते हैं।
EV बैटरियां
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए लिथियम-आयन बैटरी निर्माण से जुड़ी मशीनरी पर इंपोर्ट ड्यूटी छूट जारी रखने का फैसला किया गया है।
ये चीजें हो सकती हैं महंगी
ट्रेडिंग और निवेश
सरकार ने Buyback Tax, Securities Transaction Tax (STT) और कुछ वस्तुओं पर Tax Collected at Source (TCS) में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इससे शेयर ट्रेडिंग और कुछ कॉरपोरेट कैश-डिस्ट्रिब्यूशन गतिविधियां महंगी हो सकती हैं।
सरकार का कहना है कि इन कदमों का मकसद टैक्स आर्बिट्राज पर रोक लगाना और टैक्स कंप्लायंस को मजबूत करना है।
आम आदमी पर क्या असर?
Union Budget 2026-27 में जहां एक ओर स्वास्थ्य, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत देने की कोशिश की गई है, वहीं वित्तीय लेनदेन पर सख्ती का संकेत भी दिया गया है। कुल मिलाकर यह बजट उपभोक्ताओं को राहत और बाजार में अनुशासन—दोनों को संतुलित करने की कोशिश करता नजर आता है।
