नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। यह सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा तैयार किया गया है और इसे देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।
आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति, विकास दर, वित्तीय स्वास्थ्य, रोजगार स्थिति, मुद्रास्फीति, निवेश और निर्यात-आयात के आंकड़ों सहित भविष्य की आर्थिक संभावनाओं और चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सर्वेक्षण आगामी साल 2026-27 के बजट के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करेगा।
लोकसभा में सर्वेक्षण पेश करने के बाद सदन आज के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया और आगामी बैठक 1 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी, जिस दिन केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष का बजट सत्र दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 1 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। कुल मिलाकर इस बजट सत्र में 30 बैठकें होंगी।
आर्थिक सर्वेक्षण में विशेष रूप से ग्रामिण विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित ऊर्जा निवेश और आत्मनिर्भर भारत अभियान के आंकड़ों पर जोर दिया गया है। साथ ही, मुद्रास्फीति नियंत्रण, रोजगार सृजन, विनिवेश और वित्तीय समावेशन के लिए सुझाए गए नीतिगत उपाय भी इसमें शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष का आर्थिक सर्वेक्षण देश की विकास दर को बनाए रखने और निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के प्रयासों का संकेत देता है।
