गणतंत्र दिवस पर दिखी राज्यों की अनूठी झलक

साभार इंटरनेट

नई दिल्ली.  देश आज 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजपथ पर ध्वजारोहण किया. इसके साथ ही लांस नायक नजीर अहमद वानी को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा गया. इस बार गणतंत्र दिवस परेड के लिए कुल 22 झाकिंयों का चयन किया गया है. खास बात ये है कि इस बार परेड में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की झांकी को 11 साल बाद शामिल किया गया है.

गणतंत्र दिवस पर दिखी राज्यों की अनूठी झलक-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

झांकियों में दिखे गांधी के कई रूप

परेड में इस साल कुल 22 झांकियां शामिल होंगी. इनमें 16 झांकियां राज्यों की जबकि छह विभिन्न सरकारी मंत्रालयों और विभागों की होंगी. हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान इत्यादि राज्यों की झांकी इस बार परेड में नहीं होगी. खास बात यह कि इस साल सभी झांकियों की थीम एक ही रहेगी- ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती’.

राज्यों की रही ये झाकियां

अंडमान एवं निकोबार (सेलूलर जेल में कैदियों के साथ गांधी जी की भूमिका), अरुणाचल प्रदेश (स्वयं में शांति), असम (असम में गांधीजी), दिल्ली (गांधी स्मृति), गोवा (विविधता में एकता), गुजरात (ऐतिहासिक दांडी मार्च), जम्मू कश्मीर (गांधी जी की आशा की किरण: हमारी मिश्रित संस्कृति), कर्नाटक (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का बेलगावी सम्मेलन), महाराष्ट्र (भारत छोड़ो आंदोलन), पंजाब (जलियांवाला बाग), सिक्किम (कृषि और पर्यावरण में अहिंसा), त्रिपुरा (गांधी जी सोच से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती), तमिलनाडू (महात्मा गांधी के ड्रेस कोड का रूपांतरण), उत्तराखंड (आध्यात्मिक अनाशक्ति आश्रम), उत्तर प्रदेश (महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का सम्मान), पश्चिम बंगाल (महात्मा गांधी और बंगाल).

गणतंत्र दिवस पर दिखी राज्यों की अनूठी झलक-Panchayat Times

साभार इंटरनेट
पहली बार परेड में 90 साल से ज्यादा की उम्र सैनिक

गणतंत्र दिवस की परेड में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज (आईएनए) के चार पूर्व सैनिक शामिल हुए. इनमें लालतीराम (98), परमानंद (99), हीरा सिंह (97), और भागमल (95) शामिल हैं. आईएनए के सैनिकों को इस परेड में पहली बार बुलाया गया.

विदेशी मेहमान मुख्य अतिथि

गणतंत्र दिवस के मौके पर 1950 से ही विदेशी प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और राजाओं को बुलाने की परंपरा रही है. इसी परंपरा को जारी रखते हुए इस बार दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरिल रमपोसा को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया.