सतपाल रायजादा प्रकरण पर विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामा, विपक्ष का वाकआउट

सतपाल रायजादा प्रकरण पर विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामा, विपक्ष का वाकआउट-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

शिमला. हिमाचल प्रदेश के ऊना सदर से कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा के निजी स्टाफ कर्मियों (पी.एस.ओ और चालक) से शराब बरामदगी के मामले को लेकर विधानसभा में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी हंगामा जारी रहा. विपक्ष ने इस मामले को कांग्रेस विधायक की प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए ऊना के पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग उठाई.

सदन के नेता और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से इंकार कर दिया. इससे समूचा विपक्ष उखड़ गया और बेल में आकर नारेबाजी करने लगा. विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई. इस मुद्दे पर विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया.

सदन में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस पूरे प्रकरण की सीआईडी जांच करवाने का प्रस्ताव विपक्ष के समक्ष रखा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जांच आईजी की अध्यक्षता में होगी और सीआईडी पंद्रह दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट देगी. जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष पर सरकार तुरंत कदम उठाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कारवाई अमल में लाई जाएगी.

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उन्होंने यह भी कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर ऊना के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाईअमल में लाई जाएगी और निलंबन किया जाएगा.

जय राम ठाकुर ने कहा कि यह मामला शराब की तस्करी से जुड़ा है और पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई की है. उन्होने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा के खिलाफ प्रतिशोध की भावना से किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि माफिया के विरूद्व सतापक्ष व विपक्ष को एकजुट होने की जरूरत है.

इससे पहले सदन की बैठक शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने यह मामला उठाते हुए ऊना पुलिस प्रशासन पर कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया तथा इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई. विपक्ष ने ऊना के एस.पी. को बर्खास्त करने या स्थानांतरित करने का भी सरकार से आग्रह किया.