नई दिल्ली. Donald Trump Administration ने विदेशी छात्रों को बड़ा झटका देते हुए US Student Visa Interviews पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला उन विश्वविद्यालयों के खिलाफ सरकार की सख्ती के बाद लिया गया है, जिन पर anti-Israel और anti-America protests को बढ़ावा देने का आरोप लगा है। अब तक लाखों भारतीय छात्र Study in USA के सपने के साथ आगे बढ़ रहे थे, लेकिन ट्रंप सरकार के इस फैसले के बाद उनका भविष्य असमंजस में है।
दूतावास निर्देश: कोई नया छात्र वीज़ा साक्षात्कार नियुक्तियाँ नहीं
अमेरिका ने सभी देशों के दूतावास और वाणिज्य दूतावास को निर्देश दिया है कि वे जब तक आगे आदेश न मिले, तब तक नए F1 वीजा या Exchange Visitor Visa के इंटरव्यू शेड्यूल न करें। हालांकि जिनका इंटरव्यू पहले से निर्धारित है, उसे जारी रखने की छूट दी गई है।
सोशल मीडिया बना वीजा का नया द्वारपाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार अब हर विदेशी छात्र के Instagram, Facebook X (Twitter) और TikTok जैसे सोशल मीडिया अकाउंट की Screening करेगी। अगर किसी पोस्ट, लाइक, कमेंट या शेयर में National Security Risk की संभावना दिखती है, तो उसका वीजा Reject कर दिया जाएगा।
Harvard और Columbia विवाद के बाद सख्ती
हाल ही में Harvard और Columbia University में Pro-Palestine और Anti-Israel Protest हुए, जिन पर ट्रंप प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। हार्वर्ड का तो Federal Funding तक रोक दिया गया है। अब यह तय किया गया है कि भविष्य में ऐसे विचार रखने वाले छात्रों को पहले ही रोका जाए।
Education और Economy दोनों पर पड़ेगा असर
अमेरिका में 2024 में लगभग 10 लाख International Students थे, जिनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लगभग $43.8 Billion का राजस्व प्राप्त हुआ। विश्वविद्यालयों की Tuition Revenue और कई रिसर्च प्रोग्राम इन्हीं विदेशी छात्रों से मिलने वाली फीस पर निर्भर करते हैं। ऐसे में Student Visa Suspension से न केवल छात्रों पर बल्कि यूनिवर्सिटियों पर भी प्रभाव पड़ेगा।
