खेती में बढ़ते केमिकल और फर्टिलाइजर, ऑर्गेनिक फूड एक बेहतर विकल्प

खेती में बढ़ते केमिकल और फर्टिलाइजर, ऑर्गेनिक फूड एक बेहतर विकल्प - Panchayat Times

रांची. शरीर को बीमारियां के घेर लेने का एक बड़ा कारण है आपका खान-पान. खाने-पीने की चीजें हमें खेतों से मिलती है, ज्यादा उत्पादन पाने के लिए आजकल खेती में केमिकल और फर्टिलाइजर का इस्तेमाल खूब किया जा रहा है, लेकिन ऐसा अनाज कई बीमारियों का कारण बन रहा है. कीटों को मारने के लिए जिन रसायनों का प्रयोग किया जा रहा है, वह भी हानिकारक हैं. ऐसी स्थिति से तब ही छुटकारा मिल सकता है जब बिना रसायन प्राकृतिक रूप से उगाए गए फल, सब्जियां मिलें. इसलिए ऑर्गेनिक/जैविक फूड एक बेहतर विकल्प है.

ऑर्गेनिक फूड नहीं होता किसी भी प्रकार के रसायन का उपयोग

ऑर्गेनिक फूड में किसी भी प्रकार के रसायन का उपयोग नहीं किया जाता है और ये प्रकृति के संतुलन के साथ उगाए जाते हैं. इन फल और सब्जियों की उपज के दौरान उनका आकार बढ़ाने या समय से पहले पकाने के लिए किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता. इसे जैविक खेती भी कहा जाता है. ऑर्गेनिक फूड ऑर्गेनिक फार्म में उगाए जाते हैं और इनके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इसमें विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, आदि जरूरी तत्व मौजूद होते हैं. ये ही वो चीजें हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखती हैं.

कई बार आम खाद्य पदार्थ और ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ के बीच अंतर देख पाना आसान नहीं है क्योंकि इनका आकार और रंग एक जैसा होता है. सामान्य खाद्य पदार्थों के मुकाबले ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों की पैदावार कम है और मांग ज्यादा है. इसी कारण ऑर्गेनिक फूड की कीमतें सामान्य फूड आइटम्स की तुलना में ज्यादा होती हैं. इसके अलावा इनका सर्टिफिकेशन भी महंगा होता है.

इसलिए बीमारियों से दूर रखता है ऑर्गेनिक फूड

ऑर्गेनिक फूड में मौजूद पोषक तत्व दिल की बीमारियों, ब्लड प्रेशर की समस्या, माइग्रेन, मधुमेह और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव करता है. इसमें फैट नहीं होता, जिसके कारण आपका वजन भी नियंत्रित रखने में मदद मिलती है.

ऑर्गेनिक चीजों में आम तरीके से उगाई फसल के मुकाबले अधिक पोषक तत्व होते हैं. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इन्हें जिस मिट्टी में उगाया जाता है वो अधिक उपजाऊ होती है, जिसमें फसल बेहतर होती है. इस वजह से इन उत्पादों में विटामिन और मिनरल अधिक होते हैं.

जैविक खेती पर्यावरण के लिए भी बेहतर है. जैविक कृषि पद्धतियां प्रदूषण को कम करती हैं, पानी का संरक्षण करती हैं, मिट्टी का क्षरण कम करती हैं, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती हैं और कम ऊर्जा का उपयोग करती हैं. कीटनाशकों के बिना खेती आस-पास के पक्षियों और जानवरों के साथ-साथ खेतों के करीब रहने वाले लोगों के लिए भी बेहतर है.

ऑर्गेनिक उत्पादों में ज्यादा होते हैं एंटीऑक्सीडेंट्स : अध्यय

कई अध्ययनों में खुलासा हुआ है कि ऑर्गेनिक उत्पादों में एंटीऑक्सीडेंट्स ज्यादा होते हैं. क्योंकि कीटनाशकों के केमिकल उन अलग-अलग पोषक तत्वों को प्रभावित नहीं कर पाते, जो आपकी सेहत के लिए अच्छे हैं. नुकसानदायक केमिकल न होने से बिना ऑर्गेनिक उत्पाद मिट्टी, हवा और पानी को कम से कम नुकसान पहुंचाते हैं. इसके अलावा जो ऑर्गेनिक मीट होता है वो भी ऐसे जानवरों का होता है जिन्हें हेल्दी तरीके से पाला गया होता है.