नई दिल्ली. शुक्रवार को देश के नवनिर्वाचित उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है. शपथ लेने से पहले उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि दी. इसके अलावा नायडू ने दीनदयाल उपाध्याय और सरदार पटेल की प्रतिमा का भी माल्यार्पण किया.
राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें शपथ दिलाई. कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई बड़े नेता मौजूद थे. इसके बाद नायडू 11 बजे सदन में प्रवेश करेंगे, जहाँ संसदीय कार्यमंत्री और राज्यमंत्री उनका स्वागत करेंगे.
नायडू के शपथ लेते ही देश के चारों शीर्ष पदों पर भाजपा और संघ के लोग काबिज़ हो गए. अब प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और लोकसभा का स्पीकर भारतीय जनता पार्टी और संघ से ताल्लुक रखता है. निश्चित तौर पर शुक्रवार का दिन बीजेपी के लिए बहुत अहम है.
गोपाल गाँधी को हराया था
उप-राष्ट्रपति पद के लिए वैंकेया नायडू के सामने विपक्ष ने गोपालकृष्ण गाँधी को मैदान में उतारा था. जिसमे नायडू ने 272 वोटों से जीत हासिल की. जीत के बाद वैंकेया नायडू भावुक हो गए थे. उन्होंने कहा था कि वह अब किसी पार्टी के नहीं हैं और उनकी कोशिश सबको साथ लेकर चलने की होगी.
बिना नाम लिए दिया था हामिद अंसारी के बयान का जवाब
इससे पहले, मुस्लिमो में असुरक्षा की भावना होने की बात पर नायडू ने कहा कि यह महज़ राजनीतिक प्रचार है. उन्होंने बिना नाम लिए हामिद अंसारी को ओर इशारा करते हुए कहा “कुछ लोग कह रहे हैं कि अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं. यह एक राजनीतिक प्रचार है. पूरी दुनिया के मुकाबले अल्पसंख्यक भारत में ज्यादा सकुशल और सुरक्षित हैं और उन्हें उनका हक मिलता है.”
बता दे कि राज्यसभा टीवी के लिए दिए गए इंटरव्यू में हामिद अंसारी ने कहा था कि देश के मुसलमानों में असुरक्षा का माहौल है.