दुमका: दीवारों को ब्लैकबोर्ड बनाकर गरीब बच्चों तक पहुंचाई जा रही है शिक्षा, सीएम हेमंत सोरेन ने की तारीफ

दुमका: दीवारों को ब्लैकबोर्ड बनाकर गरीब बच्चों तक पहुंचाई जा रही है शिक्षा, सीएम हेमंत सोरेन ने की तारीफ - Panchayat Times
Source:- DC Dumka

दुमका. उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरथर के शिक्षक और अभिभावकों ने मिलकर कोरोना काल में गरीब बच्चों कि शिक्षा के लिए एक नया तरीका खोजा है. जिसके तहत घरों की दीवारों पर ब्लैकबोर्ड बनाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है. इस दौरान कोरना संक्रमण से बचने के लिए सारी सावाधानियां बरती जाती हैं. इस विशेष कक्षा में 180 से 210 बच्चे उपस्थित रहते हैं.

अधिकतर छात्र-छात्राएं गरीब आदिवासी परिवार से

इस प्राथमिक सह मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र-छात्राएं गरीब आदिवासी परिवार से हैं. 70 फीसद से अधिक बच्चों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं. इस कारण लॉकडाउन के दौरान सरकार के डीजी साथ कार्यक्रम के तहत दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा से वंचित रह जाते थे. पढ़ाई बाधित हो गई थी.

इस समस्या से निपटने के लिए प्रधानाध्यापक डॉ सपन कुमार ने की. उन्होंने अभिभावकों से सहयोग मांगा और अगस्त में पढ़ाई की इस नये तरीके को धरातल पर उतारा. इसका नाम रखा गया- शिक्षा आपके द्वार समुदाय के साथ.

कैसे होती है पढ़ाई

पोषक क्षेत्र के गांव में छात्र-छात्राओं के घर के बाहर की दीवारों पर 100 से अधिक श्यामपट्ट (Blackboard) बनवाए गए हैं. हर श्यामपट्ट के सामने विशेष कक्षा लगाई जाती है. आसपास के आठ से दस बच्चे उपस्थित रहते हैं.

दुरदराज ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन शिक्षा से वंचित छात्रों को पढ़ाने की यह व्यवस्था काफी अच्छी है. शिक्षा विभाग और शिक्षकों का उद्देश्य है कि बच्चों का पाठ्यक्रम तय अवधि में पूरा हो जाए और साल बर्बाद न हो. इसमें उनको अभिभावकों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा रहा है.