वोलंटरी आचार संहिता अपनाकर सोशल मीडिया देगी चुनाव आयोग का साथ

सोशल मीडिया के लिए 20 मार्च से वोलंटरी आचार संहिता लागू - Panchayat Times

नई दिल्ली. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का चुनाव है. चुनाव आयोग इस बार कड़ी नजर रखे हुए है. चाहे बात सोशल मीडिया की ही क्यों न हो. सोशल मीडिया के पास असीमित शक्तियां है. इसलिए लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सोशल मीडिया के लिए 20 मार्च से वोलंटरी आचार संहिता लागू कर दी गयी है. यह चुनाव प्रक्रिया तक देश भर में लागू रहेगा. निर्वाचन आयोग और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की बैठक के बाद यह आचार संहिता लागू की गयी है.

लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत यदि सोशल मीडिया के कंटेंट से मन:स्थिति में बदलाव होता है, तो इसकी धारा 126 के तहत उसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा. ऐसे करनेवाले कंपनियों, लोगों, एडमिनिस्ट्रेटर, ग्रुप एडमिन पर तीन घंटे के अंदर कार्रवाई भी की जायेगी. इसमें यह कहा गया है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिये किसी भी उत्पाद, समाचार, जानकारी की वास्तविक वस्तुस्थिति प्रस्तुत की जाती है.

सिन्हा कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया में जारी किये जानेवाले कंटेंट, पोस्ट पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लागू होती है. इसमें पारदर्शिता का होना जरूरी है. राजनीतिक दल के विज्ञापन को तभी जारी किया जाना चाहिए, जब निर्वाचन आयोग की मीडिया और सर्टिफिकेशन कमेटी उसे अपनी सहमति दे.

पेड एडवर्टिजमेंट के मामले में निर्वाचन आयोग अथवा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है. किसी भी कंटेंट अथवा पोस्ट पर निहित जानकारी का उद्देश्य शिक्षा, संचार और प्रचार के साधनों को मजबूत करने से जुड़ा होना चाहिए. सोशल मीडिया का उपयोग निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण देने से भी जुड़ा होना चाहिए.