एशियाई खेलों में टीम भेजने को तो तैयार नहीं और हम ख्वाब देखते हैं वर्ल्ड कप के

नई दिल्ली. वर्ल्ड कप फुटबॉल में भारतीय टीम को खेलते देखना उन हजारों ख्वाहिशों में से एक है, जिन्हें दम निकलने से पहले पूरा होते देखना चाहता हूं. अब ये तय है कि अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में संयुक्त रूप से आयोजित होने वाले 2026 वर्ल्डकप से भाग लेने वाली टीमों की संख्या 32 से बढ़ाकर 48 की जाने वाली है, और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के वर्तमान प्रतिमान के अनुसार एशियाई टीमों की संख्या आठ तक जा सकती है. ऐसे में भारतीय टीम, जो फिलहाल एशिया में 14वीं रैंक पर है, के लिए भी अवसर रहेगा. लेकिन 2026 के लिए तैयारियां अभी से होनी चाहिए, तभी मिशन 2026 का लक्ष्य #WorldCupDream हासिल किया जा सकता है. लेकिन #AsianDream तो फिलहाल भारतीय टीम हासिल कर चुकी है-भारतीय टीम ने अगले साल जनवरी में यूएई में होने वाले एशिया कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है. इसी की तैयारी के लिए हाल ही में 1 से 10 जून तक इंटरकॉन्टिनेंटल कप का भी आयोजन किया गया था. अगले महीने जकार्ता-पालेमबैंग में आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में अपनी क्षमता परखने का एक और अवसर भी है. कभी एशियाई खेलों में भारतीय फुटबॉल टीम का सम्मानजनक स्थान हुआ करता था. भारतीय फुटबॉल टीम ने 1951 और 1962 में स्वर्ण, 1970 में कांस्य और 1958 में चौथा स्थान हासिल किया था.

एशियाई खेलों में टीम भेजने को तो तैयार नहीं और हम ख्वाब देखते हैं वर्ल्ड कप के-Panchayat Times

ताजा खबर ये है कि भारतीय ओलिंपिक संघ ने भारतीय फुटबॉल टीम को एशियाई खेलों में शामिल होने की इजाजत नहीं दी है. बताया गया है कि टीम गेम्स में सिर्फ उन्हीं को शामिल करने की मंजूरी दी जाएगी, जिसकी वर्तमान रैंक एशिया में टॉप 8 में हो या पिछले एशियाई खेलों में टॉप 8 में रही हो ताकि सिर्फ मेडल प्रॉस्पेक्ट्स ही भेजे जाएं. भारतीय दल का आकार कम रहे और खर्च भी नियंत्रित रहे. भारतीय फुटबॉल टीम फिलहाल एशिया में 14वें स्थान पर है (वीमेंस टीम 13वें स्थान पर है) और पिछले एशियाई खेलों में ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी, अपने सारे मैच हार गई थी. लेकिन हाल में किये अच्छे प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ भी नही किया जा सकता. तीन साल पहले भारतीय टीम फीफा रैंकिंग में 173वें स्थान पर थी, आज फीफा रैंकिंग में 97वें स्थान पर है

एशियाई/ओलिंपिक खेलों में अंडर-23 खिलाड़ियों को ही भाग लेने की इजाजत है, टीम में सिर्फ 3 खिलाड़ी 23 वर्ष से ऊपर की आयु के शामिल किए जा सकते हैं. लेकिन वर्तमान भारतीय टीम को देखें तो पाएंगे कि 10 खिलाड़ी 23 से कम उम्र के हैं, जमा संदेश झिंगन, अनस, छेत्री, जेजे और गुरप्रीत में से 3 और खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, यानी भारतीय टीम के 13 खिलाड़ी एशियाई गेम्स की टीम में शामिल हो सकते हैं. पिछली बार 29 टीमें एशियाई खेलों की फुटबॉल स्पर्धा में शामिल हुई थीं, इस बार 32 टीमों के भाग लेने की उम्मीद है. ऐसे में भारतीय टीम को जनवरी में होने वाले एशिया कप फुटबॉल से पहले अच्छा एक्सपोज़र और मैच प्रैक्टिस मिल जाता, लेकिन भारतीय ओलिंपिक संघ अपने फैसले पर कायम है, उसे फुटबॉल टीम भेजने में कोई रुचि नहीं.