नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2023-24 में यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान की। लोकसभा में प्रश्नोत्तर के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह राशि रेलवे की कुल यात्री परिचालन लागत का लगभग 45 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का मुख्य लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सुविधाजनक और सस्ती यात्रा मिले—और इसी प्रयास के तहत भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे किफायती परिवहन माध्यमों में शामिल है।
भारत में ट्रेन यात्रा क्यों है इतनी सस्ती?
रेल मंत्री के अनुसार भारतीय रेलवे कई स्तरों पर ऐसी नीतियाँ लागू करता है, जिनसे किराया कम रखा जा सके:
क्रॉस-सब्सिडी मॉडल
यात्री किराया कम रखा जाता है,
जबकि माल ढुलाई से प्राप्त आय रेलवे के बड़े खर्च का हिस्सा वहन करती है।
सामाजिक दायित्व (Social Obligation)
सरकार रेलवे को एक सामाजिक सेवा मानती है, इसलिए:
वरिष्ठ नागरिक
विद्यार्थी
दिव्यांगजन
स्वतंत्रता सेनानी
को कई श्रेणियों में छूट मिलती है।
परिचालन लागत में भारी अंतर
रेल मंत्री के अनुसार, एक यात्री को ले जाने में जितना खर्च आता है, उसका 45% हिस्सा सरकार खुद वहन करती है, जिससे किराया आम लोगों के लिए बहुत कम रहता है।
पड़ोसी देशों की तुलना में भारत सबसे सस्ता परिवहन उपलब्ध कराता है
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत की तुलना में कई पड़ोसी देशों—जैसे बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका—में रेल किराया अधिक है।
भारतीय रेलवे का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि लोगों तक आसान और किफायती यात्रा सुविधा पहुंचाना है।
माल ढुलाई में रिकॉर्ड वृद्धि — भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर
सरकार द्वारा किए गए सुधारों और नई नीतियों के कारण भारतीय रेलवे में माल ढुलाई (Freight Loading) में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है:
वर्ष माल ढुलाई (मिलियन टन – MT)
2020-21 1,233 MT
2023-24 1,617 MT
इस तेजी से बढ़ोतरी ने भारतीय रेलवे को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल ढुलाई करने वाली रेल सेवा के रूप में स्थापित कर दिया है।
फ्रेट में बढ़ोतरी के कारण
Dedicated Freight Corridor (DFC) की शुरुआत
आधुनिक वैगन और तेज लोडिंग तकनीक
ई-टेंडरिंग और डिजिटल फ्रेट मैनेजमेंट
उद्योगों के लिए त्वरित सेवा और छूट संबंधी योजनाएँ
रेलवे में हो रहे बड़े बदलाव और आधुनिकीकरण
भारतीय रेलवे सिर्फ सस्ती यात्रा ही नहीं, बल्कि यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है:
वंदे भारत और वंदे मेट्रो ट्रेनें
तेज रफ्तार
बेहतर सुविधा
आधुनिक सुरक्षा सिस्टम
स्वदेशी तकनीक
स्टेशन पुनर्विकास (Amrit Bharat & PM Gati Shakti योजना)
बड़े स्टेशनों का एयरपोर्ट जैसा मेकओवर
डिजिटल टिकटिंग
एस्केलेटर, लिफ्ट और वेटिंग लाउंज
साफ-सफाई और सुविधाजनक शौचालय
सुरक्षा में सुधार
24×7 CCTV निगरानी
Kavach जैसी स्वदेशी एंटी-कोलिजन तकनीक
ट्रैक और पुलों की नियमित जांच
हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण
सोलर रूफ पैनल
100% इलेक्ट्रिफिकेशन लक्ष्य
डीज़ल इंजन की संख्या में तेजी से कमी
यात्रियों को होने वाला बड़ा लाभ
सस्ती टिकटें
अधिक ट्रेनें
आधुनिक डिब्बे
तेज और सुरक्षित यात्रा
साफ-सुथरे स्टेशन
