इस बार क्यों खास है 70वां गणतंत्र दिवस

इस बार क्यों खास है 70वां गणतंत्र दिवस

नई दिल्ली. भारत को गणतंत्र बने 70 साल होने जा रहे हैं. साल 2019 में भारत अपना 70वां गणतंत्र दिवस मनाएगा. ऐसे में इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को नई दिल्ली के इंडिया गेट के राजपथ पर होने वाली परेड बहुत खास होने वाली है. 2019 में मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का वर्ष भी है, इसलिए इस बार विभिन्न प्रदेशों और केन्द्रीय मंत्रालयों की तरफ से जो झांकी निकाली जाएगी उन सभी की थीम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आधारित होगी. गणतंत्र दिवस के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब सभी झांकियों की थीम एक विषय पर है.

झांकियों को शामिल कराना एक चुनौती

गणतंत्र दिवस की परेड वह मौका होता है जब देश के विभिन्न राज्य देश-विदेश के लोगों को अपने प्रदेश की कला, संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, समृद्ध विरासत और विकास को झांकियों के माध्यम से पेश करते हैं. इसके साथ ही केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय भी अपने विभागों की बड़ी उपलब्धियों को झांकी के माध्यम से दिखाते हैं. लेकिन इस साल सिर्फ एक ही थीम होने के कारण राज्यों के सामने इस बार की बड़ी चुनौती है, क्योंकि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को अनूठे ढंग से झांकी में प्रस्तुत करना कठिन काम है.

ऐसे होता है झांकियों का चयन

हर साल 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के राजपथ पर विभिन्न राज्य अपनी कला, संस्कृति और विकास को झांकी के माध्यम से दिखाने का प्रयास करते हैं लेकिन, झांकी में शामिल होने के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से बनाई गई झांकी चयन की विशेषज्ञ समिति के सामने तमाम राज्यों को अपने राज्य की झांकी का प्रजेंटेशन देना होता है. इस समिति में सेना के अधिकारी, कला-संस्कृति जानकार और कला की दुनिया से आने वाले बड़े कलाकार शामिल होते हैं. खास बात यह है कि झांकियों के चयन की यह प्रक्रिया 15 अगस्त के बाद से शुरू हो जाती है जो कई दौर के बाद जनवरी के पहले सप्ताह में पूरी की जाती है.

गणतंत्र दिवस 2019 के मुख्य अतिथि

2019 में आयोजित होने वाले भारत के 70वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रीका के पांचवे और वर्तमान राष्ट्रपति “माटामेला सिरिल रामाफोसा” होंगे. दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अर्जेंटीना के राजधानी ब्यूनस आयर्स में आयोजित हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान आमंत्रित किया गया था. दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति को आमंत्रित करने की एक मुख्य वजह यह भी है इस वर्ष भारत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाएगा और क्योंकि महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका से काफी गहरा जुड़ाव रहा है. इसलिए यह बात भी इस आमंत्रण को काफी खास बनाती है. इस विषय में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि दक्षिण अफ्रीकी प्रधानमंत्री का यह भारत दौरा दोनो देशों के संबंधों को मजबूती प्रदान करने का कार्य करेगा.

भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस 1950 में मनाया था
भारतीय संविधान को सम्मान देने के लिये 26 जनवरी को पूरे सम्मान के साथ हर वर्ष भारत में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है क्योंकि आज ही के दिन 1950 में ये लागू हुआ था. भारतीय संविधान ने 1935 के अधिनियम को बदल कर खुद को भारत के संचालक दस्तावेज़ के रूप में स्थापित किया था. इस दिन को भारतीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय अवकाश के रुप में घोषित किया गया है. भारतीय संवैधानिक सभा द्वारा नये भारतीय संविधान की रुप-रेखा तैयार हुई और स्वीकृति मिली तथा भारत के गणतांत्रिक देश बनने की खुशी में इसे हर वर्ष 26 जनवरी को मनाने की घोषणा हुई थी.