नई दिल्ली. भारत में अक्सर देखा गया है कि PM, CM और मंत्री किसी गंभीर अपराध के आरोप में भी अपने पद पर बने रहते हैं। जनता के बीच यह सवाल उठता है कि क्या किसी मंत्री या मुख्यमंत्री को गिरफ्तार होने के बाद पद से हटाया जा सकता है? इस संदर्भ में Parliament में 130 Constitution Amendment Bill पेश किया जा रहा है।
इस बिल का मकसद है कि अगर किसी Prime Minister, Chief Minister या केंद्रीय/राज्य मंत्री पर गंभीर आपराधिक आरोप लगते हैं और उन्हें हिरासत में लिया जाता है, तो उनका पद immediately terminate हो जाए।
विपक्ष को नहीं करना पड़ेगा इस्तीफे की मांग
पहले जब किसी नेता पर अपराध के आरोप लगते थे, तो opposition parties को इस्तीफा मांगना पड़ता था। इस बिल के आने के बाद यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
गिरफ्तार नेता का पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
यह नियम Prime Minister, Union Ministers, Chief Ministers और State Ministers सभी पर लागू होगा।
विपक्ष का हस्तक्षेप अब आवश्यक नहीं होगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि यह कानून good governance और constitutional values को बनाए रखने के लिए जरूरी है।
कब देना होगा इस्तीफा?
इस बिल के अनुसार:
जिन मामलों में 5 साल या उससे अधिक की सजा है, वहां मंत्री या CM को हटाया जाएगा।
यदि मंत्री/CM को 30 दिन तक bail नहीं मिलती, तो उन्हें तुरंत पद त्यागना होगा।
30 दिन के बाद भी इस्तीफा न देने पर 31वें दिन पद समाप्त माना जाएगा।
कौन-कौन से नेता इससे प्रभावित होंगे?
पिछले कुछ वर्षों में कई नेता arrest होने के बाद भी इस्तीफा नहीं देते थे। उदाहरण के लिए:
दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल
पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया
मंत्री सत्येंद्र जैन
130 Constitution Amendment Bill लागू होने के बाद ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने भी कई मामलों में मंत्रियों को पद से हटाने का आदेश दिया है। उदाहरण: तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी को कोर्ट ने हटाने का निर्देश दिया था।
बिल की प्रक्रिया: JPC में जाएगा या सीधे संसद में?
यह बिल पहले Joint Parliamentary Committee (JPC) में भेजा जा सकता है।
JPC में विपक्षी दलों की राय भी ली जाएगी।
इसके बाद ही बिल को संसद से पास कराया जाएगा।
प्रक्रिया में कुछ महीने लग सकते हैं।
रिहाई के बाद फिर मिलेगा पद
कुछ लोगों का सवाल है कि अगर किसी मंत्री या CM पर गलत आरोप लगे और जेल हो जाएं तो क्या यह politically unfair होगा?
इस बिल में प्रावधान है कि release होने के बाद राष्ट्रपति या राज्यपाल उन्हें पुनः नियुक्त कर सकते हैं।
यानी जेल से रिहाई के बाद पद back to office संभव है।
वर्तमान व्यवस्था और बदलाव अब तक:
गिरफ्तारी के बाद मंत्री या CM अपने पद पर बने रह सकते थे। केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ही हटाया जा सकता था। अक्सर देखा गया कि कई नेता political conspiracy के चलते पद छोड़ने से बचते थे।
इस नए बिल के लागू होने के बाद:
Arrested ministers और CM तुरंत अपने पद से हटेंगे।संविधान और governance system में strict compliance आएगा। 130 Constitution Amendment Bill भारत में political accountability और good governance को सुनिश्चित करेगा ।Serious criminal charges होने पर ministers और CM तुरंत हटेंगे। जेल से रिहाई के बाद उन्हें पुनः नियुक्त किया जा सकता है। इससे transparency और public trust में वृद्धि होगी।
