नई दिल्ली. भारत के स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Tejas Mk1A Fighter Jet के निर्माण में अब नई तेजी देखने को मिल रही है। Hindustan Aeronautics Limited (HAL) को शुक्रवार को हैदराबाद से इसकी पहली Centre Fuselage Assembly प्राप्त हुई है, जो देश की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह डिलीवरी VEM Technologies (Hyderabad) द्वारा की गई है और यह Make in India defence manufacturing initiative के तहत एक बड़ा माइलस्टोन है। इसके जरिए अब Indian Air Force को समय पर तेजस फाइटर जेट्स की डिलीवरी की संभावनाएं बढ़ गई हैं — खासकर तब जब भारत अपनी पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा
तेजस एमके1ए के उत्पादन की गति को बढ़ावा देने वाली इस असेंबली लाइन को एचएएल की बेंगलुरु और नासिक इकाइयों के अलावा एक एक्स्ट्रा लाइन के रूप में जोड़ा गया है। सबसे अहम बात यह है कि यह असेंबली पूरी तरह से भारतीय प्राइवेट कंपनी द्वारा तैयार की गई है, जो रक्षा क्षेत्र के निजीकरण और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बनाती है। रक्षा उत्पादन सचिव संजय कुमार के अनुसार, भारत का रक्षा उत्पादन क्षेत्र लगभग 10% की वार्षिक ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहा है और Indian defence exports में भी स्पष्ट वृद्धि दर्ज की गई है।
Operation Sindoor के बाद रणनीतिक महत्व और बढ़ा
इस उपलब्धि का महत्व Operation Sindoor की पृष्ठभूमि में और बढ़ जाता है, जिसमें भारत ने Pahalgam terrorist attack के जवाब में पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। साथ ही भारत ने अपनी S-400 Air Defence System की मदद से पाकिस्तानी हमलों को निष्फल कर दिया। इन घटनाओं ने यह सिद्ध किया कि भारत अब न केवल रक्षात्मक रूप से तैयार है, बल्कि उसका indigenous defence capability भी मजबूत हो रहा है।
Tejas Mk1A Project: वर्तमान स्थिति
कुल 83 Tejas Mk1A jets का ऑर्डर दिया गया है – इनमें से 73 Combat Version और 10 Trainer Version हैं। हालांकि, अब तक इनमें से एक भी डिलीवर नहीं हुआ है। HAL का नया लक्ष्य है कि 2028 तक सभी 83 jets डिलीवर कर दिए जाएं।इसके लिए हर साल कम से कम 16 Mk1A jets का production आवश्यक होगा।
Mk1 vs Mk1A: क्या है बड़ा अंतर?
Tejas Mk1A पिछले संस्करण Mk1 की तुलना में काफी उन्नत है:उन्नत एवियोनिक्स और रडार सिस्टम,उन्नत हथियार एकीकरण और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताएँ हालांकि डिलीवरी में लगातार हो रही देरी ने IAF और रक्षा मंत्रालय में चिंताएं बढ़ा दी हैं।
IAF का वर्तमान तेजस बेड़ा
मई 2025 तक, Indian Air Force के पास कुल 36 Tejas Mk1 jets हैं, जो 40 jets की initial order quantity का हिस्सा हैं: 32 सिंगल-सीटर फाइटर्स 8 ट्विन-सीटर ट्रेनर्स
HAL द्वारा विकसित यह jet भारत के indigenous fighter aircraft programme का महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसने आगे चलकर Mk1A जैसे एडवांस वर्जन की नींव रखी।
Defence Delay पर वायुसेना प्रमुख की चिंता
Air Chief Marshal Amar Preet Singh ने रक्षा प्रोजेक्ट्स में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुझे एक भी defence project याद नहीं जिसमें टाइमलाइन फॉलो की गई हो। हमें ऐसा वादा नहीं करना चाहिए जिसे हम निभा नहीं सकते।
क्या अब बदलेगा भारत का रक्षा परिदृश्य?
Tejas Mk1A Production Boost केवल एक टेक्निकल माइलस्टोन नहीं, बल्कि भारत के strategic autonomy और defence self-reliance की दिशा में एक ठोस कदम है। अब जब Centre Fuselage की delivery शुरू हो गई है, तो उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले महीनों में भारतीय वायुसेना को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
