शिमला. शिमला के उपायुक्त अमित कश्यप ने बुधवार को शिमला में कहा कि जिला में बर्फबारी से प्रभावित सभी क्षेत्रों में लोगों की राहत के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है, ताकि आमजन को सभी मूलभूत सुविधाएं बहाल की जा सकें.
जिला के दूरदराज क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण यातायात के लिए बंद हुई सड़कों को खोलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. अधिकांश क्षेत्रों में सड़क मार्ग को बहाल कर दिया गया है. मंगलवार को हुई बर्फबारी के कारण मतियाना के पास सड़क में फसे बसों व अन्य वाहनों के यात्रियों को स्थानीय प्रशासन ने सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाईं और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं. लगभग 250 यात्रियों की रात में रहने की व्यवस्था ठियोग व मतियाना में की गई.
शिमला शहर में बर्फबारी से प्रभावित सड़कों को खोलने के लिए नगर निगम शिमला और लोक निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त रूप सें कदम उठाए गए. शिमला शहर में यातायात के लिए सभी सड़के बहाल कर दी गई हैं. जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों को बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत, जलापूर्ति व परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं.
अमित कश्यप ने बताया कि जिला शिमला में बर्फबारी के दौरान आवश्यक मात्रा में खाद्य व अन्य वस्तुओं की उपलब्धता बनी हुई है. शिमला शहर में आज 52 हजार लीटर दूध व 15 हजार ब्रैड की आपूर्ति की गई. हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के भण्डारण केंद्रों में 8354 क्विंटल चावल, 9759 क्विंटल आटा, 9034 क्विंटल गेहूं, 776 क्विंटल चीनी, 12592 क्विंटल दालें तथा 63883 लीटर खाद्य तेल उपलब्ध है.
उन्होंने बताया कि जिला शिमला में स्थित गैस ऐजैंसियों में पर्याप्त 10958 सिलैंडरों का स्टाॅक उपलब्ध है. जिला के पैट्रोल पंपों में तीन लाख 29 हजार 383 लीटर पैट्रोल तथा तीन लाख 88 हजार 433 लीटर डीजल का स्टाॅक उपलब्ध है.