युवाओं को प्राचीन संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों की शिक्षा आवश्यक: वीरेंद्र कंवर

सोलन (बद्दी). ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने अध्यापकों से आग्रह किया कि वह युवाओं को प्राचीन संस्कृति की जानकारी के साथ-साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों की शिक्षा भी प्रदान करें. युवा पीढ़ी विभिन्न चुनौतियों से निपटने में सक्षम बन सके.

वीरेन्द्र कंवर बद्दी के झाड़माजरी स्थित क्रिसेंट मून पब्लिक स्कूल के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे. वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि भारतीय संस्कृति छात्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित बनाने पर बल देती है. इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए गुरुकुल शिक्षा पद्धति की स्थापना की गई थी. वर्तमान समय में अध्यापक पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्रों को नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों की जानकारी प्रदान कर इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं. एक युवा को संवेदनशील एवं उत्तरदायी नागरिक बनाने के लिए नैतिकता एवं संस्कारों का ज्ञान प्रदान किया जाना आवश्यक है.

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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है. राज्य के युवाओं को उनके घर-द्वार के पास गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त हो सके. इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वर्ष 2018-19 में शिक्षा क्षेत्र पर 7044 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं.

वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रों के प्रोत्साहन के लिए अखण्ड शिक्षा ज्योति, मेरे स्कूल से निकले मोती योजना आरंभ की है. योजना के तहत स्कूल विशेष के उन छात्रों को स्कूल में ही स मानित किया जा रहा है. जिन्होंने जीवन में आशातीत सफलता प्राप्त की है. वर्तमान सरकार की यह योजना सरकारी स्कूलों के छात्रों को यह सिद्ध कर रही है कि इन स्कूलों से शिक्षा प्राप्त कर अधिक से अधिक संख्या में छात्र जीवन पथ पर बेहतरीन सफलता प्राप्त कर रहे हैं.

इस मौके पर वीरेन्द्र कंवर ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्रों को अपनी एच्छिक निधि से 11,000 रुपए प्रदान करने व झाड़माजरी में पशु औषधालय खोलने का भी आश्वासन दिया. उन्होंने इस मौके स्कूल के मेधावी छात्रों को भी स मानित किया.

मंत्री ने दी नसीहत 

क्रिसेंट मून स्कूल में आयोजित समारोह में मंत्री विरेंद्र कंवर ने अपने संबोधन में कहा कि हम लोग मंच पर नशे के विरोध में अनेकों प्रस्तुतियां देते हैं. लेकिन जब ऐसे कार्यक्रमों में मंच पर कोई रंगारंग कार्यक्रम चल रहा हो तो उस समय यह ध्यान रखा जाए की नशे से संबधित कोई गाना प्रस्तुत न किया जाए. गौरतलब है कि इस समारोह में बोतल रह गई ठेके कोई नशा कराई दे पर प्रस्तुती दी गई थी. उन्होंने अन्य स्कूलों से भी आहवान किया की इस तरह के गानों से परहेज करें.