नई दिल्ली. राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में Safe Drinking Water उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने Jal Jeevan Mission 2.0 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को 537.70 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर की है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण Water Supply Infrastructure, पाइपलाइन नेटवर्क और पेयजल परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा, जिससे Har Ghar Jal अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अंतरिम अवधि के खर्च की प्रतिपूर्ति
सरकारी जानकारी के अनुसार, यह राशि Jal Jeevan Mission के पहले चरण और दूसरे चरण के बीच की अंतरिम अवधि में राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किए गए अतिरिक्त खर्च की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में स्वीकृत की गई है। इससे पहले से चल रही परियोजनाओं के कार्यों में तेजी आने की संभावना है।
SC, ST और सामान्य क्षेत्रों के लिए अलग-अलग बजट
केंद्र सरकार ने सामाजिक और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत राशि को तीन हिस्सों में विभाजित किया है।
सामान्य ग्रामीण क्षेत्र: ₹307.45 करोड़
SC Component: ₹177.73 करोड़
ST Component: ₹52.52 करोड़
इस बजट का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार, जलापूर्ति व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल सुविधाओं को मजबूत करना है।
हजारों पेयजल योजनाएं होंगी शुरू
राज्य सरकार के अनुसार, प्रदेश में भौतिक रूप से तैयार 3,241 Drinking Water Projects में से 2,520 योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से जल्द जनता को समर्पित किया जाएगा। इसके अलावा लगभग ₹713 करोड़ के पुराने वाउचर्स की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय पोर्टल पर अपडेट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
साथ ही 3,346 पुरानी योजनाओं के One Time Settlement (OTS) के लिए भी मंजूरी मिलने से लंबित कार्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
2,212 गांव बने ‘Har Ghar Jal’ प्रमाणित
Har Ghar Jal अभियान के तहत अब तक 2,212 गांवों को प्रमाणित किया जा चुका है। इनमें से 705 गांवों को पिछले दो महीनों के दौरान प्रमाणन मिला है।
इसके अलावा राज्य की 93 प्रतिशत पेयजल योजनाओं के लिए Sujalam Bharat ID तैयार की जा चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में Water Assessment का कार्य भी लगभग पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि 40 में से 35 जिलों की District Improvement Plans तैयार की जा चुकी हैं। शेष जिलों का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Digital Monitoring और Geo-Tagging से बढ़ेगी पारदर्शिता
Jal Jeevan Mission 2.0 के तहत बनने वाली सभी परियोजनाओं की Geo-Tagging अनिवार्य होगी। परियोजनाओं की प्रगति को Sujalam Mobile App और Project Monitoring Module पर नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की डिजिटल निगरानी की जा सके।
दिसंबर 2028 तक पूरा होगा मिशन
सरकार के अनुसार, Jal Jeevan Mission 2.0 की समयसीमा बढ़ाकर दिसंबर 2028 कर दी गई है। केंद्र और राज्य सरकार की 50:50 Funding Model पर आधारित यह योजना आने वाले वर्षों में राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

