नई दिल्ली. देश के युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अधिक अवसर देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITIs (PM-SETU) योजना को अब पायलट प्रोजेक्ट से आगे बढ़ाकर पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसके तहत देशभर के 200 चिन्हित ITI क्लस्टर को आधुनिक बनाया जाएगा, ताकि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण मिल सके।
यह फैसला नई दिल्ली में आयोजित PM-SETU की चौथी राष्ट्रीय संचालन समिति (National Steering Committee) की बैठक में लिया गया।
200 ITI क्लस्टर में शुरू होगा काम
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी तैयारियों और उद्योगों की भागीदारी के आधार पर योजना लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना को आसान बनाने, निजी और सरकारी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का मानना है कि उद्योगों की सीधी भागीदारी से ITI में पढ़ने वाले युवाओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
1,237 करोड़ रुपये से होंगे बड़े बदलाव
बैठक में करीब 1,237.58 करोड़ रुपये के Strategic Investment Plans (SIPs) को मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग ITI संस्थानों में आधुनिक मशीनें, नई तकनीक, बेहतर लैब, स्मार्ट क्लासरूम और उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करने में किया जाएगा।
बड़ी कंपनियां निभाएंगी अहम भूमिका
इस योजना में देश की कई बड़ी कंपनियां Anchor Industry Partner के रूप में जुड़ेंगी। इनमें ओडिशा में जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड, गुजरात में आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया, जबकि तेलंगाना में अपोलो मेड-स्किल्स, श्री सिद्धार्थ इंफ्राटेक एंड सर्विसेज और न्यूलैंड फाउंडेशन शामिल हैं।
ये कंपनियां ITI संस्थानों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ छात्रों को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देंगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगी।
कई राज्यों के ITI को मिलेगा फायदा
योजना के तहत ओडिशा, गुजरात और तेलंगाना के कई सरकारी ITI को क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। हर क्लस्टर में एक मुख्य (Hub) ITI और उससे जुड़े अन्य ITI (Spoke) शामिल होंगे। इससे एक साथ कई संस्थानों का विकास होगा और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
युवाओं को मिलेगा रोजगार से जुड़ा प्रशिक्षण
PM-SETU योजना का मुख्य उद्देश्य ITI शिक्षा को आधुनिक बनाना और युवाओं को नई तकनीक के अनुसार तैयार करना है। इसके तहत पाठ्यक्रम को उद्योगों की मांग के अनुसार अपडेट किया जाएगा, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से लाखों युवाओं को बेहतर कौशल मिलेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और देश में कुशल मानव संसाधन तैयार होगा। PM-SETU योजना Skill India Mission को मजबूत करने और भारत को वैश्विक स्तर पर स्किल्ड वर्कफोर्स का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

