नई दिल्ली. बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का गुरुवार को बड़ा कैबिनेट विस्तार किया गया। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में बीजेपी, जेडीयू और एनडीए के सहयोगी दलों के कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री
कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा जेडीयू नेता Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar की रही। निशांत कुमार ने पहली बार मंत्री पद की शपथ लेकर सक्रिय राजनीति में औपचारिक एंट्री की। इसे बिहार की राजनीति में जेडीयू के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इन नेताओं ने मंत्री पद की ली शपथ
नई कैबिनेट में श्रवण कुमार, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप कुमार जायसवाल, निशांत कुमार, लेशी सिंह, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, दामोदर रावत, संजय सिंह उर्फ टाइगर और अशोक चौधरी समेत कई नेताओं को मंत्री बनाया गया। एनडीए के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिया गया है, ताकि गठबंधन संतुलन बना रहे।
बिहार चुनाव में NDA को मिली थी प्रचंड जीत
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया था। गठबंधन में बीजेपी ने 89 सीटें जीती थीं, जबकि जेडीयू को 85 सीटें मिली थीं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) को पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को चार सीटें मिली थीं।
महागठबंधन का खराब प्रदर्शन
विपक्षी महागठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमट गया। Tejashwi Yadav की राष्ट्रीय जनता दल सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनी, जिसे 25 सीटें मिलीं। कांग्रेस को छह सीटें मिलीं, जबकि CPI(ML)(L) दो सीटों पर जीत दर्ज कर सकी। AIMIM ने पांच सीटें जीतीं और BSP को एक सीट मिली।
राज्यसभा जाने के बाद बदली बिहार की राजनीति
Nitish Kumar ने 20 नवंबर को रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि 30 मार्च को उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देकर राज्यसभा जाने का संकेत दिया। इसके बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ और नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया।
बिहार को मिला पहला बीजेपी मुख्यमंत्री
Samrat Choudhary बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बने। इसके साथ ही राज्य में नीतीश कुमार के 21 साल लंबे शासन का अंत हो गया। गठबंधन संतुलन बनाए रखने के लिए जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
विश्वास मत जीतकर सरकार ने दिखाई एकजुटता
मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने बिहार विधानसभा में आसानी से विश्वास मत हासिल कर लिया। इसके साथ ही नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ राजनीतिक बदलाव औपचारिक रूप से पूरा हो गया और एनडीए गठबंधन की एकजुटता भी सामने आई।
