नई दिल्ली. भारत के ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के बाद कोलंबिया द्वारा दिए गए पाकिस्तान-समर्थक बयान पर अब पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया गया है। कोलंबिया ने अब उस बयान को वापस ले लिया है, जिसमें पाकिस्तान की प्रति संवेदना फाउंडेशन थी। इस बदलाव से भारत की विदेश नीति और शशि थरूर की कूटनीतिक दृढ़ता की बड़ी जीत मानी जा रही है।
गौरतलब है कि 7 मई को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में तैनात पैड और प्रशिक्षण केंद्र बनाए थे। इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा लोगों की हत्या की पुष्टि हुई थी। इसके बाद कोलंबिया ने पाकिस्तान के लिए संवेदना प्रकट करते हुए एक बयान जारी किया था, जिसने भारत को परेशान कर दिया था।
Tharoor ने जताई थी निराशा, Columbia ने मानी गलती
Congress सांसद और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख Shashi Tharoor ने Columbia के बयान पर “deep disappointment” जताई थी। उन्होंने साफ कहा था कि जो देश आतंकवाद फैलाते हैं और जो उसका मुकाबला करते हैं, उन्हें एक नजरिए से नहीं देखा जा सकता।
Tharoor ने बताया कि Columbia की Deputy Foreign Minister Rosa Yolanda ने खुद यह स्वीकार किया कि उनके देश ने Pakistan के समर्थन वाला बयान वापस ले लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि Columbia अब भारत के viewpoint को अच्छी तरह से समझता है, जो इस कूटनीतिक प्रयास की बड़ी सफलता है।
India ने रखी साफ बात: Self-Defense को Terrorism से जोड़ना गलत
भारत की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया कि देश ने केवल “Right to Self Defense” का प्रयोग किया है और अगर इस पर किसी को गलतफहमी है तो उसे दूर करने के लिए भारत तैयार है। Tharoor ने Columbia को याद दिलाया कि जो हमला करते हैं और जो अपनी रक्षा करते हैं, उनके बीच तुलना करना न केवल अन्याय है बल्कि global diplomacy के मूल सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
Diplomatic Strategy की जीत, Global Support को और मजबूती
कोलंबिया जैसे देश का रुख बदलना भारत की वैश्विक कूटनीतिक रणनीति की बड़ी जीत है। यह घटना अजीब है कि भारत के विरुद्ध अपनी मजबूत स्थिति और विदेशी कूटनीति दोनों एक साथ प्रभावशाली से आगे बढ़ रही हैं। शशि थरूर के हस्तक्षेप और स्पष्ट संचार ने अंतरराष्ट्रीय धारणा को नया आकार देने में अहम भूमिका निभाई है।
