नई दिल्ली: देश की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—के विधानसभा चुनावों के नतीजे सोमवार, 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी और सभी की नजरें इन हाई-स्टेक्स मुकाबलों पर टिकी हैं।
बंगाल में कांटे की टक्कर, BJP vs TMC मुकाबला चरम पर
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर इस बार बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है, वहीं BJP ने पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे चुनावी माहौल और भी गर्म हो गया।
मतगणना से पहले TMC नेता सौगत राय ने उम्मीद जताई कि पार्टी के लिए नतीजे सकारात्मक रहेंगे। उन्होंने महिलाओं की बड़ी भागीदारी को लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत बताया।
फाल्टा सीट पर दोबारा मतदान का आदेश
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में भारी अनियमितताओं की शिकायतों के बाद 21 मई को पुनर्मतदान का आदेश दिया है। आयोग ने कहा कि 29 अप्रैल को कई बूथों पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। इस सीट की मतगणना 24 मई को होगी।
तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग, DMK की वापसी के संकेत
तमिलनाडु में इस बार 85.10% मतदान दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार कुल 4.87 करोड़ वोट डाले गए, जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही। राज्य में DMK और AIADMK के बीच पारंपरिक मुकाबले के बीच अभिनेता विजय की पार्टी TVK की एंट्री ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। हालांकि ज्यादातर एग्जिट पोल DMK की वापसी का संकेत दे रहे हैं।
केरल में UDF की वापसी के आसार
केरल में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ LDF और कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF के बीच रहा। एग्जिट पोल्स के मुताबिक UDF की सत्ता में वापसी हो सकती है। कांग्रेस सांसद वीके श्रीकंदन ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता किसी भी नेता को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार करेंगे।
असम और पुडुचेरी में NDA को बढ़त
असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में BJP-नीत NDA के तीसरी बार सत्ता में लौटने की संभावना जताई जा रही है। वहीं पुडुचेरी में भी NDA के लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के संकेत मिल रहे हैं।
मतगणना से पहले सुरक्षा कड़ी
मतगणना से पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता समेत कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्ट्रॉन्ग रूम्स के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
नतीजों पर पूरे देश की नजर
इन चुनावों को 2026 की सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। नतीजे न सिर्फ राज्य की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा संदेश देंगे। अब सबकी नजरें 4 मई की सुबह पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि किसके हाथ में सत्ता की कमान जाएगी।
