नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली द्विपक्षीय Trinidad and Tobago यात्रा के दौरान वहां रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय को एक भावनात्मक संदेश दिया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने पूर्वजों की धरती भारत लौटें और उन रास्तों पर चलें, जहां उनके पूर्वजों के कदम पड़े थे। मोदी ने कहा कि भारत में आपका स्वागत खुले दिल और जलेबी के स्वाद के साथ किया जाएगा। यह विशेष संबोधन तब आया जब Trinidad की पूर्व प्रधानमंत्री Kamla Persad-Bissessar, जो खुद बिहार के बक्सर जिले से अपने पारिवारिक संबंध रखती हैं, ने प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। उन्होंने उन्हें बिहार की बेटी” कहकर पुकारा।
PM Modi ने न केवल प्रवासी भारतीयों की संस्कृति से जुड़ी विरासत की सराहना की, बल्कि Trinidad की गंगा धारा में भारत से लाए गए महाकुंभ के पवित्र जल को चढ़ाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने बिसेसर को अगली बार Kumbh Mela में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन है।
अब Trinidad और Tobago में बसे छठी पीढ़ी
प्रधानमंत्री ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब Trinidad और Tobago में बसे छठी पीढ़ी के प्रवासी भारतीयों को भी OCI Card (Overseas Citizen of India) दिया जाएगा, जिससे वे भारत में बिना रोक-टोक के रह और काम कर सकेंगे। उनका यह बयान – “हम सिर्फ खून या उपनाम से नहीं, अपनेपन से जुड़े हैं” – वहां मौजूद भारतीय मूल के लोगों के दिल को छू गया।
यह दौरा 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है और इसने भारत-त्रिनिदाद संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। मोदी ने अपने संबोधन में न केवल अपनी सरकार की प्रवासी नीति की झलक दी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और भावनात्मक जुड़ाव को भी उजागर किया।
