नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल औपचारिक रूप से 2023 में खत्म होना था, लेकिन पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव तक इसे बढ़ाया, जिससे वे BJP को चुनाव में लीड कर सकें। अब जब राज्य इकाइयों के चुनाव लगभग पूरे हो चुके हैं, पार्टी नेतृत्व के अगले चेहरे पर मंथन तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली और हरियाणा जैसे प्रमुख राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे होने के बाद ही BJP अपने new national president की घोषणा करेगी। खास बात यह है कि इस बार पार्टी एक woman leader को कमान सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
Nirmala Sitharaman का नाम सबसे आगे
BJP की वरिष्ठ नेता और मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। 2019 से भारत की Finance Minister रहीं सीतारमण का दक्षिण भारत, खासतौर से तमिलनाडु में मजबूत आधार है, जो BJP के South India strategy के लिहाज से अहम है। हाल ही में उन्होंने BJP मुख्यालय में जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की थी, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं।
Daggubati Purandeswari भी रेस में
पूर्व केंद्रीय मंत्री और BJP की आंध्र प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रहीं Daggubati Purandeswari भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए एक मजबूत नाम मानी जा रही हैं। वे Operation Sindoor के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी रह चुकी हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के anti-terrorism stance को प्रस्तुत किया।
Vanathi Srinivasan को भी मिल रही है चर्चा
तमिलनाडु की कोयंबटूर (दक्षिण) सीट से विधायक Vanathi Srinivasan, जिन्होंने 2021 में Kamal Haasan को हराया था, भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। BJP महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष और पार्टी की Central Election Committee की सदस्य होने के नाते उनका नाम भी चर्चा में है।
क्यों BJP महिला नेतृत्व को तरजीह दे रही है?
सूत्रों की मानें तो BJP इस बार एक महिला नेता को अध्यक्ष बनाकर एक symbolic message देना चाहती है। पार्टी को हाल के वर्षों में महिला मतदाताओं का अच्छा समर्थन मिला है और 2023 में पास हुए Women’s Reservation Bill को देखते हुए यह कदम पार्टी की महिला समर्थक छवि को और मजबूती दे सकता है। यह विधेयक संसद से पारित होकर 33% reservation for women का मार्ग प्रशस्त करता है।
