नई दिल्ली. देशभर के LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 मई से नए बदलावों की चर्चा तेज हो गई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव—खासतौर पर United States, Israel और Iran के बीच संघर्ष का असर भारत के ईंधन बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। मार्च से ही घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, और अब मई की शुरुआत में एक और संशोधन की संभावना जताई जा रही है।
LPG कीमतों में फिर हो सकता है बदलाव
तेल विपणन कंपनियां हर महीने की शुरुआत में कीमतों की समीक्षा करती हैं। पिछले महीने 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर पर असर और ज्यादा पड़ा है।
मार्च 1: ₹28–31 की बढ़ोतरी
7 मार्च: ₹114.5 का इजाफा
अप्रैल 2026: ₹196 की बढ़ोतरी (मेट्रो शहरों में)
ऐसे में कच्चे तेल के दामों में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए 1 मई को फिर से कीमत बढ़ने की संभावना है।
Aadhaar eKYC जरूरी: किन्हें करना होगा अपडेट
सरकार ने Pradhan Mantri Ujjwala Yojana (PMUY) के लाभार्थियों के लिए आधार आधारित eKYC अनिवार्य कर दिया है।
जिन लाभार्थियों ने अभी तक eKYC नहीं कराया है, उन्हें इसे पूरा करना होगा
यह प्रक्रिया साल में एक बार ही जरूरी होगी
7 रिफिल के बाद मिलने वाली सब्सिडी के लिए eKYC जरूरी होगी
जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही eKYC पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा करने की जरूरत नहीं है।
PNG को बढ़ावा: LPG कनेक्शन बंद होने का खतरा
सरकार अब घरों को LPG से हटाकर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर शिफ्ट करने पर जोर दे रही है।
जिन इलाकों में PNG उपलब्ध है, वहां नए LPG कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे
जिनके पास पहले से PNG है, उन्हें LPG कनेक्शन जारी रखने की अनुमति नहीं होगी
आदेश के अनुसार, PNG उपलब्ध होने के बावजूद 3 महीने में शिफ्ट न करने पर LPG सप्लाई बंद की जा सकती है
मार्च 2026 से अब तक करीब 5.45 लाख PNG कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि 2.62 लाख और कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि वैश्विक दबाव के बावजूद घरेलू LPG, PNG और CNG की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी।
अस्पताल, शिक्षा, फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे सेक्टर को प्राथमिकता
प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी
क्या बदलने वाला है आगे?
बढ़ती कीमतें, सख्त नियम और PNG की ओर मजबूरी में शिफ्ट—ये सभी संकेत देते हैं कि भारत में कुकिंग फ्यूल सिस्टम में बड़ा बदलाव हो रहा है। आने वाले समय में उपभोक्ताओं को ,गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर करना होगा। नए नियमों के अनुसार खुद को अपडेट रखना होगा और संभवतः LPG से PNG की ओर शिफ्ट के लिए तैयार रहना होगा।
