नई दिल्ली. चार राज्यों—West Bengal, Tamil Nadu, Kerala और Assam—के 2021 विधानसभा चुनावों में एग्जिट पोल की सटीकता को लेकर दिलचस्प तस्वीर सामने आई थी। जहां कुछ राज्यों में सर्वे एजेंसियों के अनुमान काफी हद तक सही साबित हुए, वहीं कुछ जगहों पर वे पूरी तरह चूक गए।
पश्चिम बंगाल: टीएमसी की जीत का सही अंदाजा नहीं लगा पाए सर्वे
West Bengal में एग्जिट पोल सबसे ज्यादा गलत साबित हुए। किसी भी सर्वे ने All India Trinamool Congress (टीएमसी) की भारी जीत का अनुमान नहीं लगाया था। ज्यादातर पोल्स ने Bharatiya Janata Party (बीजेपी) को ज्यादा सीटें दीं, यहां तक कि कुछ ने बीजेपी की सरकार बनने की भविष्यवाणी भी कर दी थी।

वास्तविक नतीजों में टीएमसी ने 215 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी गोरखा जनमुक्ति मोर्चा को 1 सीट मिली। वहीं बीजेपी को सिर्फ 77 सीटों पर जीत मिली। 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है।
Today’s Chanakya का अनुमान सबसे करीब था, जिसने टीएमसी को 169–191 सीटें और बीजेपी को 97–119 सीटें दी थीं। जबकि Jan Ki Baat सबसे ज्यादा गलत साबित हुआ, जिसने बीजेपी को 162–185 सीटें और टीएमसी को सिर्फ 104–121 सीटें मिलने का दावा किया था।
तमिलनाडु: डीएमके की जीत का सही अनुमान
Tamil Nadu में एग्जिट पोल काफी हद तक सटीक रहे। अधिकांश एजेंसियों ने Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) की जीत का अनुमान लगाया था, जो सही साबित हुआ। डीएमके गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की।
असम: बीजेपी की वापसी का अनुमान सही
Assam में भी एग्जिट पोल सही साबित हुए। ज्यादातर सर्वे ने Bharatiya Janata Party (बीजेपी) की सत्ता में वापसी का अनुमान लगाया था, और नतीजे भी इसी के अनुरूप आए। बीजेपी गठबंधन ने आरामदायक बहुमत हासिल किया।
केरल: जीत का अनुमान सही, सीटों में मामूली अंतर
Kerala में एग्जिट पोल ने Left Democratic Front (एलडीएफ) की जीत का सही अनुमान लगाया था, लेकिन सीटों के आंकड़ों में थोड़ा अंतर रहा। एलडीएफ ने दोबारा सत्ता हासिल कर इतिहास रचा, क्योंकि केरल में आमतौर पर हर चुनाव में सरकार बदलने का ट्रेंड रहा है।
कहां सटीक, कहां चूक
2021 के चुनावों में एग्जिट पोल का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
असम और तमिलनाडु में अनुमान काफी सटीक रहे
केरल में ट्रेंड सही लेकिन आंकड़े थोड़े अलग रहे
पश्चिम बंगाल में सर्वे एजेंसियां पूरी तरह चूक गईं
इससे यह साफ होता है कि एग्जिट पोल रुझान तो दिखा सकते हैं, लेकिन हर बार सटीक नतीजों की गारंटी नहीं देते।
