नई दिल्ली. Rahul Gandhi को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। Allahabad High Court ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला उनके साल 2025 में दिए गए एक कथित बयान से जुड़ा था।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने अदालत में दावा किया था कि 15 जनवरी 2025 को दिए गए बयान में राहुल गांधी ने कहा था कि “हम BJP, RSS और भारत सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं।” याचिकाकर्ता के अनुसार, यह बयान आपत्तिजनक था और इससे देशभर में लोगों की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने इसे देश को अस्थिर करने वाला बताते हुए देशद्रोह (sedition) का मामला दर्ज करने की मांग की थी।
कोर्ट का फैसला
इस मामले की सुनवाई Justice Vikram D Chauhan की एकल पीठ ने की। अदालत ने याचिका पर विचार करने से ही इनकार कर दिया और इसे खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले संभल की एक निचली अदालत भी FIR दर्ज कराने की मांग को ठुकरा चुकी थी, और इस फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस आधार नहीं पाया गया।
सुनवाई और निर्णय
8 अप्रैल को सुनवाई पूरी हो गई थी
कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था
अब अंतिम आदेश में याचिका खारिज कर दी गई
क्या रहा कोर्ट का रुख?
अदालत ने माना कि याचिका में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है, जिससे FIR दर्ज करने का निर्देश दिया जा सके। निचली अदालत का फैसला सही था। मामले में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
इस फैसले से राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि अदालत ने इस बयान को FIR दर्ज करने लायक गंभीर अपराध नहीं माना।
