नई दिल्ली. देशभर में चर्चा में बने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के बीच Supreme Court of India में एक नई याचिका दायर की गई है, जिसमें मौजूदा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने और संसद के कानून के जरिए नई वैधानिक परीक्षा संस्था बनाने की मांग की गई है। यह याचिका United Doctors Front (UDF) ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की।
NTA को भंग कर नई संस्था बनाने की मांग
याचिका में कहा गया है कि मौजूदा National Testing Agency (NTA) सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत गठित संस्था है और NEET-UG 2026 परीक्षा संचालन में “व्यवस्थित और गंभीर विफलता” सामने आई है।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि केंद्र सरकार संसद में नया कानून लाकर एक वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा निकाय (Statutory National Testing Body) बनाए, जो स्पष्ट कानूनी अधिकार, पारदर्शिता और संसद के प्रति जवाबदेही के तहत काम करे।
संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल हुई याचिका
UDF ने यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल की है। संगठन का आरोप है कि NEET परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर खामियां सामने आई हैं और अब सिर्फ जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि संरचनात्मक सुधार जरूरी हैं।
CBI ने प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को किया गिरफ्तार
इस बीच Central Bureau of Investigation (CBI) ने जांच में बड़ी सफलता का दावा करते हुए पुणे के प्रोफेसर P V Kulkarni को गिरफ्तार किया है। CBI के मुताबिक कुलकर्णी केमिस्ट्री के डोमेन एक्सपर्ट हैं और वर्षों से NEET प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े पैनलों में शामिल रहे हैं। उन्हें पुणे स्थित आवास से हिरासत में लिया गया।
घर पर चलती थीं विशेष कोचिंग क्लास
CBI का आरोप है कि कुलकर्णी ने अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास आयोजित की थीं।
इन क्लासों में छात्रों को वे प्रश्न, विकल्प और उत्तर लिखवाए गए, जो बाद में 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में हूबहू आए।
लाखों रुपये लेकर छात्रों को कराई गई तैयारी
जांच एजेंसी के अनुसार छात्रों से इन विशेष क्लासों में शामिल होने के लिए लाखों रुपये वसूले गए थे। छात्रों ने अपनी कॉपियों में सवाल नोट किए और बाद में वे प्रश्न असली परीक्षा पत्र से पूरी तरह मेल खाते पाए गए। CBI ने कहा कि पेपर लीक के स्रोत और छात्रों को जुटाने वाले बिचौलियों की पहचान कर ली गई है।
पहले भी गिरफ्तार हो चुकी है एक आरोपी
CBI ने बताया कि इस मामले में Manisha Waghmare नाम की आरोपी को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि वही छात्रों को इकट्ठा करने में मदद कर रही थी।
कई राज्यों में छापेमारी, इलेक्ट्रॉनिक सबूत बरामद
CBI ने पिछले 24 घंटों में देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की है। एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। फिलहाल जब्त सामग्री की फोरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।
परीक्षा प्रणाली पर उठे बड़े सवाल
NEET पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में व्यापक सुधारों को लेकर निर्देश देता है, तो देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
