नई दिल्ली. करीब 59 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद तमिलनाडु की सत्ता में कांग्रेस की वापसी होने जा रही है। कांग्रेस महासचिव K. C. Venugopal ने मंगलवार को घोषणा की कि पार्टी के दो विधायक राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को मुख्यमंत्री Vijay की कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।
वेणुगोपाल ने इसे कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि लगभग छह दशक बाद पार्टी तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनने जा रही है। उन्होंने दोनों नेताओं को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा जताया कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और जनकल्याण आधारित शासन को आगे बढ़ाएंगे।
DMK से दूरी, विजय की TVK के साथ कांग्रेस
तमिलनाडु की राजनीति में इस घटनाक्रम को बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कांग्रेस लंबे समय तक द्रविड़ दलों की सहयोगी रही, लेकिन राज्य सरकार में सीधे तौर पर शामिल नहीं हुई थी।इस बार कांग्रेस ने अपने पुराने सहयोगी DMK से अलग होकर अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी Vijay की Tamilaga Vettri Kazhagam के साथ गठबंधन किया।
गठबंधन सरकार बनने में सहयोगी दलों की अहम भूमिका
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से 10 सीटें पीछे रह गई। इसके बाद कांग्रेस, CPI, CPI(M), IUML और VCK ने समर्थन देकर विजय के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के गठन का रास्ता साफ किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की यह वापसी राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत का संकेत हो सकती है।
