नई दिल्ली. राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने कहा है कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने और समाज को प्रगति की ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को कई बार परिस्थितियों के विपरीत जाकर काम करना होगा।
राष्ट्रपति भवन में आज 2024 बैच के IAS अधिकारियों के एक समूह से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह बात कही। राष्ट्रपति ने युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने और विशेषज्ञों की टीम का नेतृत्व करने का अनूठा अवसर मिलेगा।
सही निर्णय लेना ही सच्ची नैतिकता
राष्ट्रपति ने अधिकारियों से कहा कि किसी निर्णय से बचना नैतिकता नहीं कहलाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनहित और स्थापित व्यवस्था के अनुरूप सही निर्णय लेना ही वास्तविक नैतिकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका केवल नीतियों को लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए साहसिक और जिम्मेदार फैसले भी लेने होंगे।
‘विकसित भारत’ के निर्माण में अहम भूमिका
राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि युवा IAS अधिकारी देश के विकास और सुशासन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के अधिकारी देश को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
