नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश में Monsoon Rain लगातार कहर बरपा रही है। पिछले 36 घंटों से जारी भारी बारिश के कारण राजधानी शिमला समेत कई इलाकों में Landslide की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे गंभीर स्थिति शिमला के संजौली (Sanjauli) क्षेत्र में बनी हुई है, जहां पहाड़ी खिसकने से करीब 10 मकान प्रभावित हुए हैं और इनमें से कम से कम तीन घरों पर तत्काल खतरा मंडरा रहा है। लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी कमजोर होती जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शिमला और आसपास के जिलों के लिए Yellow Alert जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले कुछ समय तक Moderate to Heavy Rainfall, गरज-चमक के साथ बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। शिमला में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य पर लगाए आरोप
संजौली में भूस्खलन के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा मानसून के दौरान निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने के बावजूद इलाके में निर्माण जारी रहा। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय निवासी कैंथला ने बताया कि तड़के सुबह 3 से 4 बजे के बीच भूस्खलन हुआ। उनका आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर निगम से निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि संबंधित जमीन के मालिक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पिछले एक महीने से वहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है।
नगर निगम ने शुरू किया नुकसान का आकलन
घटना के बाद नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और प्रभावित इलाके का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारी पहाड़ी की स्थिरता का आकलन कर रहे हैं ताकि आगे किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
न्यू शिमला में भी भूस्खलन, कई वाहन क्षतिग्रस्त
भारी बारिश के कारण न्यू शिमला के पास राजहाना गांव में भी बड़ा भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर नीचे गिरने से कई खड़े वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन इससे लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।
किन्नौर में पुल गिरने से तीन जिलों का संपर्क प्रभावित
इस सप्ताह की शुरुआत में किन्नौर जिले के उरनी क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हुआ, जहां एक लोहे का पुल डंपर के गुजरने के दौरान अचानक ढह गया। पुल टूटने के साथ डंपर भी नीचे जा गिरा, लेकिन राहत की बात यह रही कि चालक सुरक्षित बच गया।
यह चोलिंग ब्रिज किन्नौर, लाहौल-स्पीति के काजा और शिमला के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था। पुल के गिरने से तीनों जिलों के बीच आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन और Disaster Response Teams पूरी तरह अलर्ट पर हैं। अधिकारियों ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, नदियों और पहाड़ी ढलानों के पास जाने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में Landslide और अन्य प्राकृतिक घटनाओं का खतरा बना रह सकता है।
