नई दिल्ली: केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीण नागरिकों के लिए संस्थागत ऋण (Institutional Credit) को अधिक आसान, तेज़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के भूमि संसाधन विभाग (DoLR) ने रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH)के साथ बैठक करडिजिटल भूमि रिकॉर्ड को यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की। इस पहल का उद्देश्य किसानों को सहमति-आधारित डिजिटल ऋण के माध्यम से तेजी से ऋण उपलब्ध कराना है।
किसानों को मिलेगा तेज़ और सुरक्षित लोन
बैठक की अध्यक्षता भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने की, जिसमें RBI Innovation Hub के मुख्य कार्यकारी अधिकारी साहिल किनी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य विषय भूमि प्रशासन के Digital Public Infrastructure (DPI) और Unified Lending Interface (ULI) को एकीकृत कर किसानों और ग्रामीण नागरिकों तक आसान, सुरक्षित और पारदर्शी ऋण पहुंचाना था।
Digital Land Records से बढ़ेगी पारदर्शिता
मंत्रालय के अनुसार, यदि प्रमाणित और इंटरऑपरेबल Digital Land Records को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाता है, तो किसानों के लिए Kisan Credit Card (KCC) और अन्य कृषि ऋणों की प्रक्रिया तेज़ होगी। इससे लोन स्वीकृति में लगने वाला समय कम होगा, दस्तावेज़ों की जांच आसान होगी और लेनदेन की लागत भी घटेगी।
एक ही जमीन पर बार-बार Loan लेने पर लगेगी रोक
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि Mortgage Information और Flag-Marking Mechanism की मदद से एक ही भूमि के आधार पर कई बार ऋण लेने जैसी समस्याओं को रोका जा सकेगा। इससे बैंकों के लिए जोखिम प्रबंधन बेहतर होगा और पूरे ऋण वितरण तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।
Bhu-Aadhaar और ULPIN को मिलेगा बढ़ावा
सरकार Unique Land Parcel Identification Number (ULPIN), जिसे Bhu-Aadhaar भी कहा जाता है, के व्यापक उपयोग पर भी जोर दे रही है। साथ ही API Interoperability, साझा डेटा मानकों (Common Data Standards) और भूमि प्रशासन एवं वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
ग्रामीण भारत में Financial Inclusion को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि डिजिटल भूमि रिकॉर्ड को विश्वसनीय डिजिटल संपत्ति (Trusted Digital Asset) के रूप में विकसित करने से ग्रामीण क्षेत्रों में Financial Inclusion को मजबूती मिलेगी। इससे किसानों और ग्रामीण नागरिकों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से आसानी से ऋण मिल सकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
सरकार ने जताई प्रतिबद्धता
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि Department of Land Resources भविष्य में भी RBI Innovation Hub और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर एक Secure, Interoperable और Citizen-Centric Digital Public Infrastructure विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे भूमि प्रशासन मजबूत होगा और ग्रामीण भारत में औपचारिक ऋण तक पहुंच का विस्तार होगा।
