नई दिल्ली. भारत ने BRICS देशों से महिला उद्यमियों और महिलाओं के नेतृत्व वाले कारोबार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित BRICS WBA Women-Led Development Conference को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने की राह आसान बनाने की जरूरत है। इसके लिए आसान कर्ज, बेहतर बाजार पहुंच और स्थिर एवं स्पष्ट कारोबारी नियम जरूरी हैं।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भारत का जोर
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए Financial Inclusion, Education, Skill Development और Quality of Life जैसे क्षेत्रों पर लगातार काम कर रहा है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि देश की आर्थिक तरक्की की प्रमुख भागीदार और विकास की चालक बनाना है।
उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को वित्तीय संसाधन, सही कौशल और बाजार तक पहुंच मिलती है तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करती हैं, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देती हैं।
करीब 30 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते
वाणिज्य मंत्री ने बताया कि भारत में करीब 300 million women के पास बैंक खाते हैं। इसके अलावा अपना काम शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को बिना किसी गारंटी के कर्ज उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसका लाभ उन महिलाओं को भी मिल सकता है, जिनके पास पहले से कोई credit history नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की वित्तीय व्यवस्था महिलाओं को छोटे कारोबार से लेकर अपने उद्यम को बड़े स्तर तक ले जाने में मदद कर सकती है। इससे महिला-नेतृत्व वाले कारोबारों की संख्या बढ़ाने और उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।
10 करोड़ ग्रामीण महिलाएं Self-Help Groups से जुड़ीं
पीयूष गोयल ने Lakhpati Didis Initiative का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करीब 100 million ग्रामीण महिलाएं 90 लाख से अधिक Self-Help Groups यानी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय के अवसर बढ़ाना है। सरकार की कोशिश है कि महिलाएं अपने छोटे कारोबार और उद्यम के जरिए परिवार की आय बढ़ाने के साथ देश की आर्थिक प्रगति में भी ज्यादा योगदान दें।
International Trade में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील
पीयूष गोयल ने BRICS देशों की सरकारों से महिला-स्वामित्व वाले कारोबारों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ज्यादा अवसर देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को International Expositions, Conferences, Seminars, Exhibitions और Business Forums में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
इससे महिला उद्यमियों को नए बाजारों, निवेशकों और संभावित व्यापारिक साझेदारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनके उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।
आसान कर्ज और बाजार तक पहुंच जरूरी
वाणिज्य मंत्री ने जोर दिया कि महिला उद्यमियों के लिए केवल वित्तीय सहायता पर्याप्त नहीं है। उन्हें Easy Access to Credit, Market Access और Predictable Business Rules की भी जरूरत है।
अगर कारोबार शुरू करने और उसे बढ़ाने के लिए नियम स्पष्ट हों तथा महिलाओं को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंच मिले, तो महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के विस्तार की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं।
BRICS देशों के बीच सहयोग पर जोर
पीयूष गोयल ने BRICS देशों के बीच ज्यादा संवाद और सहयोग की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों, साझेदार देशों और पूरी दुनिया के लिए बेहतर और समृद्ध भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता Dialogue और Diplomacy से होकर जाता है।
उन्होंने कहा कि BRICS के सदस्य देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए महिलाओं की भागीदारी को भी केंद्र में रखना जरूरी है। इससे महिला उद्यमियों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के साथ आर्थिक विकास को व्यापक आधार मिल सकता है।
2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
पीयूष गोयल ने भारत के दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य मौजूदा करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से बढ़कर वर्ष 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की Economy बनना है।
वर्ष 2047 में भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और महिला-नेतृत्व वाले कारोबारों का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में भारत BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए महिलाओं को वैश्विक व्यापार से जोड़ने और उनके लिए नए आर्थिक अवसर तैयार करने पर जोर दे रहा है।
