नई दिल्ली. किसानों को नकली और घटिया गुणवत्ता वाले बीजों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार नया और सख्त Seed Act लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून में नकली, मिलावटी और घटिया बीज बेचने वाली कंपनियों और कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस मुद्दे पर देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के वरिष्ठ नेताओं के साथ नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, प्रस्तावित कानून को तैयार करने से पहले किसानों के जमीनी अनुभव और उनकी समस्याओं को समझने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जाएगी।
सरकार चाहती है कि बीज कानून के नए मसौदे में किसानों की वास्तविक परेशानियों, उनके सुझावों और चिंताओं को सीधे शामिल किया जाए। इससे कानून को जमीन पर किसानों के सामने आने वाली समस्याओं के हिसाब से ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
नकली बीज बेचने पर भारी जुर्माना और जेल
प्रस्तावित New Seed Act में नकली, मिलावटी या घटिया बीजों की बिक्री करने वाली कंपनियों और व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किए जाने की संभावना है। ऐसे मामलों में भारी जुर्माने के साथ-साथ Imprisonment यानी जेल की सजा का प्रावधान भी किया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों और कंपनियों पर लगाम लगाना है, जो किसानों को खराब गुणवत्ता वाले बीज बेचकर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। खराब बीज के कारण फसल की पैदावार प्रभावित होने के साथ किसानों की लागत और मेहनत दोनों पर असर पड़ता है।
Seed Mafia पर कार्रवाई की तैयारी
सरकार एक मजबूत और प्रभावी Regulatory Framework तैयार करना चाहती है, ताकि नकली और घटिया बीज के कारोबार पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके। मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित कानून के जरिए Seed Mafia की गतिविधियों को नियंत्रित करने और किसानों को धोखाधड़ी से बचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
किसानों के लिए अच्छे और प्रमाणित बीजों की उपलब्धता कृषि उत्पादन की पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था को भी कानून का अहम हिस्सा बनाया जा सकता है।
PM मोदी के आत्मनिर्भर किसान के विजन से जुड़ी पहल
कृषि मंत्रालय ने कहा कि नया Seed Act प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समृद्ध और आत्मनिर्भर कृषि समुदाय के विजन को साकार करने की दिशा में सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।
सरकार का लक्ष्य किसानों की आय और उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के साथ उन्हें उन समस्याओं से बचाना भी है, जो खेती की शुरुआत में ही उनके सामने खड़ी हो जाती हैं। नकली बीज ऐसी ही एक गंभीर समस्या है, जिसके कारण किसान को पूरी फसल का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कई बड़े किसान संगठन बैठक में होंगे शामिल
केंद्रीय कृषि मंत्री की साथ वाली बैठक में देश के कई प्रमुख किसान प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें भारतीय किसान संघ, भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के विभिन्न गुट, अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (एआईकेसीसी), किसान महापंचायत, भारतीय कृषक समाज, गांव किसान उन्नयन और सोसाइटी फॉर इंडिपेंडेंट फार्मर्स एसोसिएशन (एसआईएफए) शामिल हैं।
इसके अलावा कई राज्यों से जमीनी स्तर पर जुड़े किसान प्रतिनिधि भी अपनी समस्याएं और सुझाव केंद्रीय कृषि मंत्री के सामने रखेंगे।
कानून के मसौदे में जमीनी समस्याओं को जगह देने की कोशिश
सरकार की इस पहल में किसानों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसान संगठनों के प्रतिनिधि बीज की गुणवत्ता, बाजार में नकली बीज की उपलब्धता और ऐसे मामलों में कार्रवाई से जुड़े अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
इन सुझावों के आधार पर प्रस्तावित कानून को ज्यादा मजबूत और व्यावहारिक बनाने की कोशिश की जाएगी। अगर नया कानून लागू होता है तो नकली और घटिया बीजों के कारोबार पर कार्रवाई के लिए मौजूदा व्यवस्था को और सख्त बनाया जा सकता है।
किसानों को बीज की गुणवत्ता पर मिलेगा सुरक्षा कवच
बीज किसी भी फसल की बुनियाद होते हैं। ऐसे में किसानों को सही गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना कृषि क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है। सरकार का प्रस्तावित Seed Act इसी दिशा में एक मजबूत कानूनी व्यवस्था तैयार करने की कोशिश है।
नए कानून में सख्त दंड, बेहतर नियमन और किसानों की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई जैसी व्यवस्थाएं शामिल होने की उम्मीद है। इससे किसानों को नकली और घटिया बीज के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।
