नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India-ECI) ने 14 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) का आदेश जारी किया है। इस प्रक्रिया के लिए अगले साल 1 जनवरी को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र नागरिकों को इसमें अपना नाम दर्ज कराने का अवसर देना है। आयोग ने पुनरीक्षण की समयसीमा भी तय कर दी है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता सूची का प्रारूप यानी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल इस साल 12 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद नागरिकों को सूची में नाम जुड़वाने, किसी प्रविष्टि में सुधार कराने या गलत प्रविष्टियों पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होकर 11 दिसंबर तक चलेगी। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची अगले साल 4 जनवरी को जारी की जाएगी।
इन 14 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा पुनरीक्षण
निर्वाचन आयोग ने जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने का फैसला किया है, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और मणिपुर शामिल हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में भी मतदाता सूचियों को अपडेट किया जाएगा।
इस अभियान के तहत मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने और मौजूदा प्रविष्टियों की जांच करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नागरिकों को भी ड्राफ्ट सूची देखकर यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है कि उनका नाम और अन्य विवरण सही तरीके से दर्ज हैं।
18 साल के होने वाले युवा भी पहले कर सकेंगे आवेदन
निर्वाचन आयोग ने पहली बार मतदाता बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी सुविधा का उल्लेख किया है। ऐसे युवा, जो 1 अप्रैल 2027, 1 जुलाई 2027 या 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अग्रिम आवेदन कर सकते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य योग्य होने वाले युवाओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया समय रहते शुरू करने का अवसर देना है। इससे 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल होने में आसानी होगी और वे पात्रता पूरी होने पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।
