नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी संस्थानों और राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय हित में एकजुट होकर काम करने और देश के दुश्मनों का मिलकर मुकाबला करने की अपील की है। राजधानी दिल्ली में विजयादशमी समारोह में शामिल होते हुए प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से साथ आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर देशहित में काम करना चाहिए और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना अपनाने का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ‘नेशन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को एकजुट होकर मां भारती के दुश्मनों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें परास्त करने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए। उनके अनुसार, राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने से देश की एकता और सामूहिक शक्ति को मजबूती मिल सकती है।
रामराज्य आज भी सुशासन का आदर्श
प्रधानमंत्री ने भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि रामराज्य को आज भी सुशासन के मानक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि रामराज्य में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता, सभी को न्याय मिलता है और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध होते हैं।
मोदी ने कहा कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि जनता का कल्याण सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने इसे भगवान राम के आदर्शों से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश बताया।
दशहरे की भावना भारत के विचारों का अहम हिस्सा
प्रधानमंत्री ने कहा कि दशहरे की भावना हमेशा से भारत के दर्शन और विचारधारा के केंद्र में रही है। यह पर्व अच्छे मूल्यों और आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस अवसर पर देश के विकास और राष्ट्रीय एकता के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
आत्मनिर्भर भारत बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए देश को अपने संसाधनों, क्षमताओं और सामर्थ्य पर विश्वास करना होगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए देशवासियों से अपनी क्षमताओं को पहचानने और राष्ट्रीय उद्देश्यों की प्राप्ति में योगदान देने का आह्वान किया।
