नई दिल्ली. दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की तैयारियों की समीक्षा की है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव नरेंद्र भूषण ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से तैयार एक्शन प्लान का जायजा लिया। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए सड़क सुधार, ट्रैफिक जाम कम करने, इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती और कचरा प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने जैसे उपायों पर चर्चा हुई।
समीक्षा बैठक में निर्माण स्थलों और औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों की निगरानी और उनके पालन को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य सर्दियों में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए तैयारियों को मजबूत करना है।
सड़क सुधार और ट्रैफिक जाम कम करने पर जोर
बैठक के दौरान नरेंद्र भूषण ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सड़क व्यवस्था में सुधार और यातायात के दबाव वाले स्थानों पर जाम कम करने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती और ठोस कचरे के प्रसंस्करण के लिए सुविधाएं विकसित करने जैसे कदमों पर भी चर्चा की गई।
निर्माण स्थलों और औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की नियमित निगरानी तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
पुराने ट्रक और बसों को बदलने के लिए PARIVARTAN योजना
वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए मंत्रालय के सचिव ने राज्य सरकार से ट्रक और बस संचालकों के संगठनों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत करने को कहा। इसका उद्देश्य पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए PARIVARTAN योजना के तहत उपलब्ध लाभों को अपनाने की प्रक्रिया तेज करना है।
उन्होंने परिवहन विभाग से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से पुराने वाहनों को बाहर स्थानांतरित करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने की प्रक्रिया में सक्रिय और सहयोगात्मक भूमिका निभाने का भी आग्रह किया।
पुराने वाहनों को बदलने और परिवहन व्यवस्था में सुधार के जरिए सड़क यातायात से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाने में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में ‘No PUCC, No Fuel’ नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाने का उद्देश्य है।
नरेंद्र भूषण ने सभी ईंधन स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता बताई। इन कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान कर नियमों के पालन की निगरानी की जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रदूषण प्रमाणपत्र से जुड़े नियमों को प्रभावी बनाना और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण को मजबूत करना है।
सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों पर नजर
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न उपायों की समीक्षा की जा रही है। उत्तर प्रदेश के एक्शन प्लान में यातायात प्रबंधन, पुराने वाहनों को बदलने, इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल, ठोस कचरे के प्रसंस्करण और निर्माण तथा औद्योगिक गतिविधियों की निगरानी जैसे कदम शामिल हैं।
इन उपायों को समय पर लागू करना और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना सर्दियों में हवा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
