नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के तट पर भारतीय वायुसेना (IAF) का भव्य एयर शो देखा। नमो घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में सुखोई, राफेल और तेजस समेत कई लड़ाकू विमानों ने अपनी ताकत और उड़ान कौशल का प्रदर्शन किया। ‘Wings Over Ganges’ नाम से आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की 94 वर्षों की सेवा के उपलक्ष्य में हो रहा है। इसकी शुरुआत गुरुवार से हुई थी।
इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एयर शो में लड़ाकू विमानों की विशेष फॉर्मेशन, हवाई युद्ध का सिमुलेशन, आधुनिक सेंसर तकनीक और एरोबेटिक करतब देखने को मिले। कार्यक्रम में यह भी दिखाया गया कि ड्रोन और मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में वायुसेना अपनी युद्धक तैयारियों को किस तरह मजबूत कर रही है।
12 एयरबेस से पहुंचे 100 विमान, तीनों सेनाओं के तालमेल का प्रदर्शन
वाराणसी में आयोजित एयर शो में 12 एयरबेस से करीब 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें Sukhoi Su-30 MKI और Rafale जैसे लड़ाकू विमानों के साथ हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान भी शामिल थे।
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर समन्वय को प्रदर्शित करना था। अलग-अलग सैन्य इकाइयों की संयुक्त गतिविधियों के जरिए यह दिखाया गया कि किसी अभियान के दौरान तीनों सेनाएं किस तरह एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर काम कर सकती हैं।
छह लड़ाकू विमानों की Arrowhead Formation बनी आकर्षण का केंद्र
एयर शो में छह अलग-अलग लड़ाकू विमानों की Arrowhead Formation दर्शकों के लिए खास आकर्षण रही। इसमें Su-30, Rafale, Jaguar, Mirage 2000, LCA Tejas और MiG-29 ने एक साथ उड़ान भरी।
इस फॉर्मेशन के जरिए विमानों की गति, पायलटों के कौशल और हवा में सटीक तालमेल का प्रदर्शन किया गया। विमानों ने निर्धारित संरचना में उड़ान भरते हुए यह दिखाया कि मिशन के दौरान एक साथ काम करने और अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए कितनी सटीकता की जरूरत होती है।
कार्यक्रम में लाइव हथियारों से लैस विमानों की क्षमताओं से जुड़ा प्रदर्शन भी शामिल था। इसके अलावा, पिछले साल के Operation Sindoor में इस्तेमाल किए गए कुछ हथियारों से जुड़ी क्षमताओं की झलक भी दिखाई गई।
गंगा के ऊपर दिखाया गया हवाई युद्ध का सिमुलेशन
एयर शो के दौरान दर्शकों को हवाई युद्ध की रणनीतियों का सिमुलेशन भी देखने को मिला। इसमें एक Su-30 लड़ाकू विमान ने मालवीय ब्रिज के ऊपर दो Jaguar विमानों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान Jaguar विमानों ने तेज गति से हमला करने की रणनीति का अभ्यास किया।
इस प्रदर्शन का उद्देश्य यह दिखाना था कि संभावित खतरे का सामना करते समय लड़ाकू विमान किस तरह प्रतिक्रिया दे सकते हैं और मिशन के दौरान एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर काम कर सकते हैं।
Su-30 की हाई-स्पीड उड़ान और आधुनिक सेंसर तकनीक का प्रदर्शन
कार्यक्रम में Su-30 विमानों पर खास ध्यान रहा। इनमें से एक विमान ने तेज गति से ऊर्ध्वाधर उड़ान का करतब दिखाया, जबकि दूसरे Su-30 ने करीब 8,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए Infrared Imaging Pod की मदद से इस गतिविधि को रिकॉर्ड किया।
इस प्रदर्शन के जरिए आधुनिक सेंसर और इमेजिंग तकनीक की उपयोगिता को सामने रखा गया। सैन्य अभियानों में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल निगरानी, लक्ष्य की पहचान और परिस्थितियों का आकलन करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
नौसेना के P-8I और Mirage 2000 के बीच समन्वय
एयर शो में भारतीय नौसेना का P-8I समुद्री निगरानी विमान भी शामिल हुआ। यह विमान तमिलनाडु के अरक्कोनम एयरबेस से रवाना हुआ और वाराणसी पहुंचने से पहले ग्वालियर के ऊपर Mirage 2000 विमानों के साथ समन्वय किया।
इस गतिविधि के जरिए तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों के लिए जरूरी तालमेल को प्रदर्शित किया गया। P-8I जैसे विमान समुद्री निगरानी और संबंधित सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Surya Kiran और Sarang टीम ने शानदार करतबों के साथ किया समापन
एयर शो का समापन भारतीय वायुसेना की Surya Kiran एरोबेटिक टीम और Sarang हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के प्रदर्शन के साथ हुआ।
Surya Kiran टीम ने हवा में सटीक फॉर्मेशन और रोमांचक एरोबेटिक करतब दिखाए। वहीं, Sarang टीम ने हेलीकॉप्टरों की उड़ान क्षमता और पायलटों के बीच बेहतर तालमेल का प्रदर्शन किया।
वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित इस एयर शो में लड़ाकू विमानों की ताकत, आधुनिक तकनीक और सैन्य समन्वय की झलक देखने को मिली। ‘Wings Over Ganges’ के जरिए भारतीय वायुसेना ने अपनी परिचालन क्षमताओं और बदलते युद्धक्षेत्र के लिए तैयारियों को प्रदर्शित किया।
