नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महावीर जयंती के अवसर पर गुजरात में दो बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने गांधीनगर के कोबा में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया और इसके बाद अहमदाबाद के साणंद GIDC में Kaynes Semiconductor OSAT Plant का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने एक तरफ जैन इतिहास, अहिंसा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया, वहीं दूसरी ओर सेमीकंडक्टर निर्माण को भारत के तकनीकी और औद्योगिक भविष्य से जोड़ते हुए इसे देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।
कोबा में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने कोबा तीर्थ, गांधीनगर में स्थित सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। यह संग्रहालय जैन इतिहास, सम्राट संप्रति के जीवन, उनके शासनकाल और अहिंसा के संदेश को समर्पित है। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोबा तीर्थ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय मूल्यों, संस्कृति और ज्ञान परंपरा का जीवंत केंद्र है। उन्होंने कहा कि यहां मूल्यों का संरक्षण होता है सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है और ज्ञान का पोषण होता है ‘कोबा तीर्थ अध्ययन, साधना और आत्मसंयम का संगम’
प्रधानमंत्री मोदी ने कोबा तीर्थ को तीन धाराओं का संगम बताया:
अध्ययन (Study)
साधना (Spiritual Practice)
आत्मसंयम (Self-Discipline)
उन्होंने कहा कि यही तीनों तत्व भारतीय सभ्यता की बुनियाद हैं और इन्हें संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि यह पवित्र सांस्कृतिक धारा लगातार प्रवाहित होती रहे, क्योंकि यही भारत की पहचान और आत्मा है।
‘पांडुलिपियों की उपेक्षा की गलती सुधारी जा रही है’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली सरकारों ने पांडुलिपियों और प्राचीन ज्ञान-संपदा की उपेक्षा की, लेकिन उनकी सरकार अब इस ऐतिहासिक गलती को सुधारने का काम कर रही है।
उन्होंने संकेत दिया कि भारत की प्राचीन बौद्धिक विरासत, धार्मिक साहित्य और सांस्कृतिक धरोहर को अब संरक्षित, संकलित और प्रचारित करने पर गंभीरता से काम हो रहा है।
दुनिया के लिए भी अहम है संग्रहालय का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज जब दुनिया संघर्ष, अस्थिरता और हिंसा के दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में सम्राट संप्रति संग्रहालय का अहिंसा और शांति का संदेश पूरी मानवता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जैन दर्शन और सम्राट संप्रति की विरासत केवल भारत की धरोहर नहीं, बल्कि विश्व शांति के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
साणंद में Kaynes Semicon Plant का उद्घाटन
महावीर जयंती के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में तकनीकी और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा दी। उन्होंने अहमदाबाद के साणंद GIDC में Kaynes Semicon Plant का उद्घाटन किया। इस प्लांट के शुरू होने के साथ ही यहां commercial production भी शुरू हो गया है। यह प्लांट भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
IPM निर्माण से भारत की चिप यात्रा को नई गति
Kaynes Semicon Plant में Advanced Intelligent Power Modules (IPMs) का निर्माण किया जाएगा। IPM यानी Intelligent Power Modules ऐसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स हैं, जो खास तौर पर: ऑटोमोबाइल सेक्टर
इंडस्ट्रियल मशीनरी पावर कंट्रोल सिस्टम जैसे क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं।
इन मॉड्यूल्स की खासियत यह है कि ये: कॉम्पैक्ट होते हैं ऊर्जा-कुशल (Efficient) होते हैं विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम प्रदान करते हैं हर मॉड्यूल में होंगे 17 चिप्स
कंपनी के मुताबिक, Kaynes Semicon प्लांट में बनने वाले हर IPM मॉड्यूल में 17 चिप्स होंगे। इन मॉड्यूल्स की आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित Alpha and Omega Semiconductor (AOS) को की जाएगी। यह भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे देश न केवल घरेलू चिप निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगा।
पूरी क्षमता पर हर दिन 63.3 लाख यूनिट उत्पादन
जब Kaynes Semicon Plant के सभी चरण पूरे हो जाएंगे, तब यह प्लांट प्रतिदिन 63.3 लाख यूनिट (6.33 million units per day) उत्पादन करने की क्षमता हासिल कर लेगा। यह उत्पादन क्षमता भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि देश लंबे समय से चिप निर्माण में आत्मनिर्भरता और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में काम कर रहा है।
‘मेक इन इंडिया’ और ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ को मिलेगा बल
Kaynes Semicon Plant का उद्घाटन मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत यह प्लांट: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा,रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा,इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर को मजबूती देगा,भारत की ग्लोबल टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन में भूमिका बढ़ाएगा गुजरात में विरासत और विकास का मिला संदेश।
प्रधानमंत्री मोदी के इस गुजरात दौरे में एक तरफ आध्यात्मिक विरासत, जैन इतिहास और अहिंसा का संदेश दिखा, तो दूसरी तरफ तकनीकी आत्मनिर्भरता, औद्योगिक विकास और आधुनिक भारत की तस्वीर भी सामने आई।
कोबा में संग्रहालय और साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन इस बात का संकेत है कि सरकार संस्कृति और तकनीक—दोनों मोर्चों पर समानांतर काम कर रही है।
महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक प्रगति का अनोखा संगम बनकर सामने आया। सम्राट संप्रति संग्रहालय जहां भारत की अहिंसा, आध्यात्मिकता और ज्ञान परंपरा को मजबूत करता है, वहीं Kaynes Semicon Plant भारत की सेमीकंडक्टर और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। यह दौरा साफ संकेत देता है कि भारत एक साथ अपनी जड़ों और अपने भविष्य—दोनों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
